कोरोना का खतरा : महाराष्ट्र से लौटे बीमार युवक ने परिवार की परवाह में मंदिर में गुजारी रात

युवक को तेज बुखार व खांसी की शिकायत थी

चन्दवाजी. कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के दावों के बीच ग्राम भुरानपुरा जाटान में एक संदिग्ध मरीज रातभर मंदिर में पड़ा रहा। सुबह सूचना पर चिकित्सक ने जांच कर दस दिन तक घर पर ही आइसोलेशन किया। जानकारी के अनुसार भुरानपुरा जाटान, रावपुरा व चांदावास में दो दिन पूर्व ही करीब एक दर्जन से अधिक ड्राइवर व मजदूर महाराष्ट्र, मुंबई व अन्य जगहों से लौटें हैं। इनमें से हीरालाल मीणा को तेज बुखार व खांसी की शिकायत थी जिस पर वह परिजनों की परवाह के कारण घर नहीं गया और वीर तेजाजी मंदिर में ही सो गया, जबकि उसके साथी अपने अपने घर चले गए। सुबह ग्रामीणों ने देखा तो सहम गए।


ग्रामीणों ने पटवारी, सरपंच, ग्राम पंचायत प्रशासक व थाना पुलिस को सूचना दी। गठवाडी पीएचसी के चिकित्सक डॉ महेंद्र चौधरी ने मौके पर पहुंच और संदिग्ध मरीज की जांच की। आंगनबाडी सहायिका हंसा जाट ने बताया कि भुरानपुरा व रावपुरा में पांच जने महाराष्ट्र से आए हैं जिनकी स्वास्थ्य जांच के लिए सूची विभाग को भेज दी गई है। वहीं ग्रामीणों ने बाहरी लोगों की स्क्रीनिंग कर जांच करने की मांग की है।

इनका कहना है

मरीज में कोरोना जैसे लक्षण नहीं हैं। तीन दिन की ट्रेवल हिस्ट्री को लेकर होम आइसोलेशन की सलाह दी है। मरीज पूरी निगरानी में है। लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और घर पर रहने की सलाह दी गई है।

डॉ महेंद्र चौधरी, चिकित्साधिकारी, गठवाड़ी

Surendra Desk
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