कर्फ्यू में संकट का सारथी कैसे बना प्रशासन, आमेर एसडीएम से सीधी बात में जानिए

amer sdm interview आद्यौगिक इकाइयों में थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं

By: Surendra

Updated: 12 May 2020, 11:35 PM IST

आमेर(अचरोल). कोरोना महामारी की रोकथाम एवं इसके बचाव के लिए आमेर उपखंड में एसडीएम लक्ष्मीकांत कटारा के नेतृत्व में चिकित्सा, प्रशासन, पुलिस की टीम दिन रात कार्य में जुटी हुई है। टीमे लगातार मॉनिटर्रिंग कर राशन वितरण, मेडिकल जांच, सैनिटाइजर का छिड़काव, प्रवासी मजदूरों को भेजने सहित कोरोना से जुड़े अन्य कार्यों की देखरेख कर रहे हैं। क्षेत्र में कोरोना की स्थिति व इससे बचाव को लेकर किए जा रहे उपायों को लेकर पत्रिका संवाददाता की उनसे सीधी बात।

प्रश्र. आमेर उपखंड में कितने कोरोना संक्रमण के कितने केस सामने आए?

जवाब- लॉकडाउन फेज-3 में तीन केस मिले हैं। पहला केस 21 अप्रेल को दूसरा 30 अप्रेल को और तीसरा केस 8 मई को मिला है। तीनों ही केस आमेर में मिले। इनसे संबंधित लोगों को होम क्वारंटीन किया है। टीमे लगातार क्षेत्र में मॉनिटर्रिंग कर रही है।

प्रश्र. क्षेत्र में कितने स्थानों पर कफ्र्यू लगाया, जरूरी और इमरजेंसी सेवाओं की क्या व्यवस्था रही?

जवाब- कफ्र्यू की बात करें तो आमेर क्षेत्र के पीली की तलाई, श्याम ढोंगी व गांधी चौक में करीब 1 किलोमीटर क्षेत्र में लगाया गया है। यहीं से तीनों केस पॉजिटिव पाए गए थे। राशन, दूध आदि वितरण के लिए क्षेत्र में संबंधित अधिकारियों के सम्पर्क सूत्र दिए हैं। जिनसे आमजन सूचना देकर सहायता प्राप्त कर रहे हैं। वहीं आपातकालीन चिकित्सा सुविधा के लिए मोबाइल ओपीडी भी तैनात है।

प्रश्र. तीनोंं लॉकडाउन में आप क्या अलग चुनौती देखते हैं?

जवाब-लॉकडाउन 3 में लोगों को घरों में रोकना बड़ी चुनौती बन गई थी, लेकिन देश में केस बढऩे के कारण लोगों में कोरोना के प्रति जागरुकता आई है और पहले की तुलना में आमजन ज्यादा सजग हो गए। मीडिया ने भी लोगों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई है।

प्रश्र. -मॉडिफाई लॉकडाउन में औद्योगिक इकाइयों को छूट दी, क्षेत्र में कितनी इकाइयां एडवाइजरी से संचालित है?

जवाब- सर्वे अभी नहीं किया है, लेकिन कूकस सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 30 फीसदी औद्योगिक इकाइयां शुरू हो चुकी हैं। थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं है। सोशल डिस्टेंसिंग मास्क तथा सैनिटाइज आदि का उपयोग कर रहे हैं। सूचना पर टीम भेजकर स्क्रीनिंग करा रहे हैं।

प्रश्र. कितने प्रवासी मजदूरों को घर भेजा है ?

जवाब- 15000 प्रवासी श्रमिकों ने ई मित्र पर रजिस्ट्रेशन कराया है। लगभग 800 को निशुल्क घर भेजा जा चुका है। अभी प्रक्रिया जारी है। साथ मास्क व खाने के पैकेट भी दिए जा रहे है।

प्रश्र. लोगों को क्या संदेश देना चाहते हैं?

जवाब-कई बार क्वारंटीन लोगों की स्थिति व उनकी चिंता को देखकर आंखों में आंसू आ जाते थे, लेकिन इस कार्य को मैंने चुनौती के रूप में लिया है। लोगों को भी इससे डरने की जरूरत नहीं है। बेजुबान जानवरों के लिए निकलते समय कुछ ना कुछ लेकर निकलता हूं। सबको ऐसा करना चाहिए।

Surendra
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