अस्पतालों में भीड़, कोरोना से निपटने के साधन नाकाफी

कोरोना ने बचाव के लोग कई तरह के जतन कर रहे हैं। जयपुर जिले के अस्पतालों में लापरवाही की भीड़ नजर आई। अस्पताल में लोग बिना मास्क के नजर आए। अस्पताल में चिकित्सकों को बार बार हाथ धोने के लिए हेल्थ सेनेटाईजर साल्यूशन उपलब्ध नहीं हुआ है। अस्पताल में आमतौर पर होने वाली साफ सफ ाई ही हो रही है। अस्पताल में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार व सांस लेने में परेशानी आने वाले मरीजों की पहचान कर स्क्रीनिंग के आदेश के बाद एक भी मरीज क ा अब तक चयन नहीं किया है।

By: vinod sharma

Published: 19 Mar 2020, 12:04 AM IST

बस्सी। एक ओर तो चिकित्सा विभाग आमजन को कोरोना से बचाव के रास्ते सुझा रहा है। वहीं दूसरी ओर इसकी जांच करवाने के लिए अपने ही कार्मिकों की जान खतरे में डाल रहा है। मास्क और सेनेटाइजर जैसी अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था के बिना ही उन्हें मरीजों की पहचान करने फील्ड में भेज दिया है। बस्सी ब्लॉक में कोरोना वायरस पीडि़त या संक्रमण की पहचान के लिए लिए घर-घर सर्वे कर रही आशा और एएनएम बिना मास्क के सर्वे कर रही हैं। ब्लॉक में मास्क और सेनेटाइजर की कमी के चलते उन्हें खुद संक्रमण का खतरा पैदा हो रहा है।

इनकी लगाई ड़्यूटी, नियमित मॉनिटरिंग
बस्सी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा लगातार कार्मिकों की बैठक ली जा रही हैं। हाल ही में आंगनबाड़ी और सीएचसी-पीएचसी के फील्ड कार्मिकों को घर-घर सर्वे करने के निर्देश दिए। इसमें ब्लॉक की कुल 272 आशा और 43 एएनएम लगी हुई हैं। इनके सर्वे की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है लेकिन सर्वे कार्य में जुटी आशा और एएनएम को मास्क, सेनेटाइजर तक उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं।

चिकित्सक बिना मास्क कर रहे उपचार
चाकसू. एक तरफ जहां पूरे विश्व में कोरोना का कहर जारी है और बचने के लिए सरकार एडवाईजरी जारी कर रही है। वहीं चाकसू के राजकीय सेटेलाइट अस्पताल में मरीजों व चिकित्सकों में कोरोना का खौफ नजर नहीं आया। यहां चिकित्सक भी बिना मास्क के मरीजों का उपचार कर रहे है वहीं मरीज भी बिना मास्क के अस्पताल परिसर में घूम रहे है। वहीं चिकित्सक के टोकने के बावजूद एक ही कक्ष में एक साथ दर्जनों मरीज एकत्र हो रहे है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर कोरोना से लोगों को जागरूक के बैनर-पोस्टर लगा रखे है।

वर्तमान में करीब 750 का ओपीडी चल रहा
अस्पताल प्रभारी डॉ. शंकरलाल प्रजापत के अनुसार इस बीमारी को लेकर दो रेपिड रेस्पोंस टीम बना रखी है जो संबंधित सूचना पर तुरन्त मौके पर जाकर जांच करती है। क्षेत्र में कोई कोरोना से संबंधित लक्षण का मरीज नहीं पाया गया। वायरस से बचाव के लिए अस्पताल परिसर में लगी रेलिंग, दरवाजों व खिड़कियों सहित हाथों को छूने वाले स्थानों पर सोडियम हाइपो क्लोराइट से स्प्रे व सफाई करवाई जा रही है। वर्तमान में करीब 750 का ओपीडी चल रहा है। जिन्हे अस्पताल परिसर में बने पांच कक्षों में बैठकर चिकित्सक उपचार कर रहे है। यहां पर्ची कटवाने,चिकित्सक को दिखाने व काउंटर से दवा लेने तक मरीज को भीड़ लगी रहती है।

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