बघेरे ने मवेशी का किया शिकार, शावक के भी मिले पदमार्ग

-आबादी में आवाजाही से लोगों में दहशत

By: Kailash

Published: 13 Jun 2020, 04:52 PM IST

राड़ावास.
कस्बे के वन क्षेत्र के समीप बसे ग्रामीणों को लगातार बघेरे की आवाजाही का डर सताने लगा है। बीती दो-तीन माह में बघेरे ने कई मवेशियों का शिकार कर लिया है। शुक्रवार देर रात को एक गाय का और शिकार कर लिया। सुबह ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पदमार्ग की जांच की। जिसमें बघेरे के साथ शावक के भी पदमार्ग मिले। ग्रामीण शेरसिंह ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 5.30 बजे श्वानों के आवाज करने पर मकान से बाहर थोड़ी दूरी पर मिट्टी के टीले पर बघेरा बैठा नजर आया। आवाज करने पर वह वन क्षेत्र में ओझल हो गया। बाड़े में देखा तो गाय मृत मिली। ग्रामीण किशोरसिंह, गुमान सिंह व शेर सिंह ने बताया कि बघेरे तीनों भाइयों की 7 गायों का शिकार कर चुका है। विभागीय अधिकारियों को अवगत भी कराया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। शनिवार सुबह शाहपुरा वनपाल मुकेश मीणा, अमरसर वनपाल बनवारीलाल जाट, मनोहरपुर वनपाल बाबूलाल मीणा ने बघेरे के पद चिन्हों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बघेरे जोड़े के साथ ही छोटे सावक के भी पग मार्ग मिले है। इस दौरान वनकर्मी दिनेश फगडिय़ा, राकेश वर्मा, मालीराम कसाना सहित टीम सदस्य मौजूद थे।


ग्रामीणों ने जताया आक्रोश
आबादी में बघेरे की आवाजाही से परेशान लोगों ने वन विभाग टीम के समक्ष आक्रोश जाहिर किया। ग्रामीणों ने बताया कि बघेरा लगातार क्षेत्र में पशुओं का शिकार कर रहा है। शिकायत के बाद भी वन विभाग बघेरे को पकडऩे की कार्रवाई नहीं कर रहा। वनकॢमयों ने विभागीय अधिकारियों को मामले से अवगत कराकर जल्द ही समस्या से निजात दिलाने की बात कही।

 

वन क्षेत्र में नहीं पानी की व्यवस्था
ग्रामीणों ने बताया कि वनक्षेत्र में वन्यजीवों के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में वन्यजीव आबादी की ओर रूख कर रहे है। लगातार आबादी में वन्यजीवों के आने से लोगों में दहशत बनी हुई है।

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