चारागाह भूमि पर अतिक्रमण, गोवंश की आफत

अतिक्रमण हटाने की कलक्टर से गुहार, गोवंश को मजबूरन पेट की भूख को शांत करने के लिए किसानों के खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं

By: Gourishankar Jodha

Updated: 06 Jan 2021, 11:16 PM IST

मोजमाबाद। ग्राम पंचायत क्षेत्र मोजमाबाद में चारागाह भूमि पर अतिकर्मियों द्वारा कब्जा करने से गोवंश को विचरण करने की सुविधा नहीं मिल रही है। जिससे गोवंश को मजबूरन पेट की भूख को शांत करने के लिए किसानों के खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
इसे लेकर पूर्व में भी गौ सेवा संघ मोजमाबाद तहसील अध्यक्ष हनुमान डोई के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ग्राम पंचायत क्षेत्र की चारागाह भूमि को अति कर्मियों से मुक्त करने की गुहार की। परंतु कार्यवाही नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है।

कर्मियोंद्वारा कब्जा कर रखा
ग्राम पंचायत मोजमाबाद सहित राजस्व गांव खेड़ी सुआ एवं तुंबीपुरा में करीब 740 बीघा चारागाह भूमि है, लेकिन स्थिति यह है कि इसमें अधिकांश भूमि पर अति कर्मियोंद्वारा कब्जा कर रखा है। इसके चलते गोवंश को विचरण करने एवं चरने के लिए जगह नहीं बची है। इसे लेकर राजस्व ग्राम खेड़ी सुआ के ग्रामीणों ने भी दूदू उपखंड अधिकारी राजेंद्रसिंह शेखावत को ज्ञापन देकर गोचर भूमि को मुक्त करने की गुहार की है। ताकि गोवंश रात के समय किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं जो चना, सरसों की फसलों में विचरण कर नुकसान नहीं पहुंचा पाए।

किसान हो रहे परेशान
किसान कंपकंपाती ठंड में रात को अलाव जलाकर फसलों की रखवाली करने पर विवश है। कई किसानों ने तो खेत के चारों ओर तारबंदी वह कटीले तारों की बाड़ लगाकर भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम कर रहे हैं। फिर भी कई गोवंश इन फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित करके भी चारा एकत्रित करें, गोवंश के लिए व्यवस्था कर रहे हैं, ताकि फसलों को नुकसान होने से बचाया जा सके।

Gourishankar Jodha
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