हाईकोर्ट की कमेटी ने सांभर झील का किया दौरा, देखा : नमक उत्पादन से पक्षियों पर कोई असर तो नहीं

मई माह में रिपोर्ट पेश करेगी कमेटी

By: vinod sharma

Published: 11 Apr 2021, 06:27 PM IST

Bassi, Jaipur, Rajasthan, India

सांभरलेक/नावां शहर. सांभर झील के विकास और प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए राजस्थान हाईकोर्ट की विशेषज्ञ कमेटी ने शनिवार को झील क्षेत्र का दौरा किया। वन विभाग के मुखिया की अध्यक्षता में गठित कमेटी में तीन विशेषज्ञों के साथ उद्योग, पर्यावरण, वन और पशुपालन विभाग के अधिकारी शामिल रहे। उच्च न्यायालय के दिशा निर्देश के बाद मुख्य वन संरक्षक की अध्यक्षता में गठित यह रिपोर्ट मई माह में देगी कि सांभर झील में जो नमक उत्पादन हो रहा है, उससे कहीं प्रवासी पक्षियों की संख्या एवं प्रवास पर कोई विपरीत असर तो नहीं पड़ रहा है। उच्च न्यायालय ने कमेटी से मई में अपनी रिपोर्ट मांगी है।

नमक जमाने वाले क्यारों को देखा...
सबसे पहले टीम ने सांभर झील के पूर्वी भाग में देवयानी सरोवर व उसके आगे झील का निरीक्षण कर नमक जमाने वाले क्यारों, बिटन एरिया, कैचमेंट एरिया को देखा। उसके बाद झपोक डेम पर गई। फिर रतन तालाब पर जाकर रेस्क्यू सेंटर को देखा। सांभर साल्ट स्थित नमक रिफाइनरी में नमक बनने से लेकर पैकिंग व अपशिष्ट निस्तारण की जानकारी जुटाई। साथ ही निजी नमक रिफाइनरियों का दौरा कर इनसे निकलने वाले नमक से लेकर वाश के बारे में जानकारी ली।

बेजुबान परिंदों का भी झील पर अधिकार...
कमेटी सदस्यों ने बताया कि सांभर झील बहुत बड़ा क्षेत्र है। इससे हजारों श्रमिकों का गुजर बसर होता है। वहीं बेजुबान परिंदों का भी झील पर अधिकार है। सभी विषयों पर सकारात्मक विचार करते हुए रिपोर्ट तैयार होगी। झील में पानी की आवक कैसे बढ़े? इसके लिए डाबसी नदी का दौरा भी किया। यह अभी कोर्ट व सरकार के बीच का मामला है। इस पर जल्द रिपोर्ट बनाकर दी जाएगी।

ये रहे मौजूद...
इस दौरान पर्यावरण विभाग से श्रुति शर्मा, मुख्य वन संरक्षक के.सी.मीणा, पर्यावरण विभाग के संयुक्त सचिव विक्रम केसरी, उपखण्ड अधिकारी ब्रह्मलाल जाट, सांभर के उपजिला कलक्टर राजकुमार कस्वा, सांभर साल्ट से नीरज नाग के साथ अजमेर के अधिकारी भी उपस्थित रहे। वहीं राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल किशनगढ़ व जयपुर के क्षेत्रीय अधिकारी तथा नमक व्यापारी राजकुमार पुरोहित व पीयूष पुरोहित ने अधिकारियों को जानकारी दी।

ये हैं विशेषज्ञ कमेटी में शामिल
वन विभाग के मुखिया की अध्यक्षता में गठित कमेटी में उड़ीसा की चिलका लेक डवलपमेंट अथॉरिटी के पूर्व चेयरमैन डॉ.अजित पटनायक, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के एनिमल बोटुलिस्म साइंटिस्ट डॉ. पी सतिया सेल्वम, वन विभाग के पूर्व मुखिया आरएन मेहरोत्रा विशेषज्ञ के तौर पर टी में शामिल हैं।

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