पथरी के ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद मरीज की मौत, परिजनों का निजी हॉस्पिटल में जमकर हंगामा

vinod Sharma

Publish: May, 17 2018 11:22:14 PM (IST)

Shahpura, Jaipur, Rajasthan, India
पथरी के ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद मरीज की मौत, परिजनों का निजी हॉस्पिटल में जमकर हंगामा

चिकित्सक पर लगाया लापरवाही का आरोप, हॉस्पिटल का मुख्य गेट बंद कर किया विरोध प्रदर्शन

शाहपुरा (जयपुर)। जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित निजी हॉस्पिटल में पथरी के ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद हुई भर्ती मरीज की मौत से गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया। गुस्साएं लोगों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हॉस्पिटल के मुख्य गेट को बंद कर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस ने लोगों से समझाइश का प्रयास किया तो तकरार हो गई। करीब पांच घंटे चले हंगामे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच करने और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन देकर मामला शांत किया। मृतक के परिजनों ने रजनीश हॉस्पिटल के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दी है।

जानकारी अनुसार अचरोल निवासी जगदीश यादव (40) के गुर्दे में पथरी होने पर 14 मई को निजी हॉस्पिटल में दिखाने पर चिकित्सकों ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी और 15 मई को ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद 16 मई की रात उसकी मौत हो गई। सूचना पर रिश्तेदार, परिजन सहित ग्रामीण गुरुवार सुबह अस्पताल पहुंच गए और उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव लेने से मना कर दिया।

समझाइश का प्रयास किया
थाना प्रभारी वीरेन्द्र सिंह राठौड़, एएसआई जगदीश प्रधान ने समझाइश का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराने, चिकित्सक को मौके पर बुलाने सहित कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष यादव भी ने भी घटना की जानकारी ली। एसडीएम रवि विजय और डीएसपी भागचंद मीणा के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने व मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन देने पर मामला शांत हुआ। पुलिस ने राजकीय अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

पुलिस जाप्ता बुलाया
मामला बढ़ता देखकर शाहपुरा पुलिस ने विराटनगर, मनोहरपुर और अमरसर थाने से भी जाप्ता बुलाया गया। मनोहरपुर थाना प्रभारी नरेन्द्रसिंह भड़ाना, विराटनगर थाना प्रभारी जयप्रकाश, अमरसर थाना प्रभारी उदय सिंह, त्रिवेणी चौकी प्रभारी कैलाशचंद मीणा सहित आरएसी के जवान मौजूद रहे। इससे हॉस्पिटल छावनी में तब्दील हो गया।

इनका कहना है
मरीज का दो दिन पहले ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य ठीक था और सुबह सात बजे तक वह वार्ड में टहल रहा था। इसके बाद वह शौचालय में गया और वहां गिर गया। आवाज सुन आसपास खड़े लोगों ने उसे उठाया। सीपीआर सहित अनेक विधियों से जान बचाने का प्रयास किया, लेकिन बच नहीं सके। उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप बेबुनियाद है।
डॉ.रजनीश शर्मा,अस्पताल निदेशक शाहपुरा

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