scriptInvestment increasing in Internet of Things startup Rajasthan 10101 | इंटरनेट से पंखा, एसी, बल्ब, कार के अलावा और बहुत कुछ चलेगा... कंपनियां बढ़ा रही हैं निवेश | Patrika News

इंटरनेट से पंखा, एसी, बल्ब, कार के अलावा और बहुत कुछ चलेगा... कंपनियां बढ़ा रही हैं निवेश

आईओटी (Internet of things) दे रहा चौथी औद्योगिक क्रांति (industry 4.0) को सहारा, कंपनियां बढ़ा रही इंटरनेट ऑफ थिंग्स के लिए बजट
राजस्थान सरकार ने आईओटी के लिए कंपनी स्थापना की प्रक्रिया शुरू की, आईआईटी जोधपुर(IIT, Jodhpur) के साथ मिल कर एआईओटी (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इंटरनेट ऑफ थिंग्स, AIOT) के लिए किया एमओयू, अब सोसायटी एक्ट में कंपनी गठन की तैयारी

बस्सी

Published: March 31, 2022 10:09:53 am

अभिषेक सिंघल
जयपुर। अभी इंटरनेट से घर के पंखे-एसी और बल्ब का संचालन बढ़ रहा है। आने वाले समय में इंटरनेट और अधिक उपकरणों काे चला पाने में सक्षम होगा। इसके लिए उद्योग आईओटी (Internet of things) पर बजट बढ़ा रहे हैं। जिससे नए स्टार्टअप के लिए अवसर बढ़ रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार इंडस्ट्री 4.0 (industry 4.0) के दौर में उद्योग अपने आईटी (Information Technology) बजट का दस प्रतिशत से ज्यादा आईओटी के लिए खर्च कर रहे हैं। राजस्थान में भी इंटरनेट ऑफ थिंग्स (Internet of things) से जुड़े नए स्टार्टअप (startup) तेजी से बढ़ रहे हैं। देश में 2021-22 में देश में 14000 से ज्यादा स्टार्टअप हो गए हैं जबकि 2016-17 में महज 733 स्टार्टअप कंपनियां थीं। राजस्थान (Rajasthan) में पिछले एक साल में 200 नए स्टार्टअप जुड़े हैं और इनकी संख्या 1600 से अधिक हो गई है। इनमें से कई आईओटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। राजस्थान सरकार ने सरकारी विभागों और जन उपयोगी योजनाओं में आईओटी का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए आईआईटी जोधपुर ( IIT Jodhpur) के साथ मिलकर हाल ही एक एमओयू किया है।

आईओटी (Internet of Things) के लिए बढ़ रहा बजट
इनमार की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017 से 2020 के बीच जहां आईओटी (Internet of things) के लिए कंपनियां अपने आईटी बजट में से करीब 7 प्रतिशत हिस्सा खर्च कर रही थीं वहीं यह अब बढ़ कर 10 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है। यह इंडस्ट्री 4.0 की अन्य आईटी तकनीकों में सबसे ज्यादा है। जबकि क्लाउड कम्प्युटिंग (cloud computing) के लिए 9 , नेक्स्ट जनरेशन सिक्युरिटी (Next generation Security) 7.5, बिग डाटा एनालिटिक्स (Big Data Analytics)7.3 , रोबोटिक्स (Robotics)5.3, मशीन लर्निंग (Machine learning) 4.8 व वर्चुअल रिअलिटी (Virtual Reality) के लिए आईटी (Information Technology) बजट का 4.3 प्रतिशत हिस्सा वर्तमान में खर्च किया जा रहा है।
इंटरनेट से पंखा, एसी, बल्ब, कार के अलावा और बहुत कुछ चलेगा... कंपनियां बढ़ा रही हैं निवेश
इंटरनेट से पंखा, एसी, बल्ब, कार के अलावा और बहुत कुछ चलेगा... कंपनियां बढ़ा रही हैं निवेश
आईओटी ( Internet of things) के इस्तेमाल से हो रही बचत
इनमार के अनुसार आईओटी प्रोजेक्ट अपनी कंपनियों के लिए वर्तमान में उनकी कुल लागत में 9 प्रतिशत की बचत कर रहे हैं। सर्वे में शामिल कंपनियों को एक साल में इस बचत के बढ़ कर 15 प्रतिशत, तीन साल में 22 प्रतिशत व पांच साल में 30 प्रतिशत तक हो जाने का अनुमान है।
क्या है इन्टरनेट ऑफ थिंग्स (What is Internet of Things)
इंटरनेट, डाटा की मदद से उपकरणों का प्री-प्रोग्राम संचालन और उन उपकरणों से प्राप्त डाटा के आधार पर उपकरणों का आगे और अधिक कुशल संचालन इंटरनेट ऑफ थिंग्स कहलाता है। स्मार्ट होम, एसी, टीवी, लाइट, पंखे, मीटर, वाहन मेंटेनेंस, वियरेबल्स, हेल्थ, स्मार्ट किचन जैसे उपकरण इसमें शामिल हैं। एक अनुमान के अऩुसार दुनियाभर में 2025 तक आईओटी कनेक्टेड उपकरणों (IOT connected devices) की संख्या 38.6 बिलियन तक पहुंच जाएगी।
क्या है इंडस्ट्री 4.0 (What is Industry 4.0)
उद्योग में चौथी क्रांति को इंडस्ट्री 4.0 कहा जाता है। यह क्रांति कम्प्यूटर सिस्टम्स के आपसी जुड़ाव से एकत्रित हो रही जानकारी के उपयोग से उद्योगों को अधिक सक्षम बनाने के दौर का नाम है। उद्योग क्षेत्र में तीसरी क्रांति कम्प्यूटर सिस्टम का प्रयोग थी।
लैब (AIOT Lab) संचालन के लिए बन रही डीपीआर
राजस्थान में आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का इंटरनेट ऑफ थिंग्स में विशेष प्रयोग के लिए सरकार ने आईआईटी जोधपुर के साथ एआईओटी ( आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस ऑफ थिंग्स) एमओयू किया है जो सरकारी विभागों, जन योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से इन्टरनेट संचालित उपकरणों का प्रयोग बढ़ाने के लिए काम करेगा। एआईओटी लैब की स्थापना के लिए फरवरी में करार हुआ है। वर्तमान में डीपीआर बन रही है। इसके संचालन के लिए सोसायटी एक्ट में कंपनी गठन की प्रक्रिया जारी है। अभी राजस्थान में सरकारी विभागों में पावर स्काडा, वाटर स्काडा जैसे आईओटी उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है। अस्पतालों सहित अन्य जगहों पर इसके उपयोग को बढ़ाने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही है।
इनका कहना है ..
प्रदेश में कई स्टार्टअप नई तकनीक, एआई, आईओटी पर काम कर रहे हैं। राज्य सरकार भी इसके लिए लैब स्थापित कर रही है। जिसकी प्रक्रिया जारी है। इच्छुक आईस्टार्ट पोर्टल पर ज्यादा जानकारी ले सकते हैं।
तपन कुमार ,
संयुक्त निदेशक, डीओआईटी, राजस्थान
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अभिषेक सिंघल

News Editor in Rajasthan Patrika, Editorial In charge Jaipur Rural edition. PGDJ (Hindi) From IIMC, New Delhi.

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