Jaipur rural : बीडीएम अस्पताल में सात माह से डीप फ्रीजर ताले में बंद, शवों की हो रही बेकद्री

Jaipur rural : बीडीएम अस्पताल में सात माह से डीप फ्रीजर ताले में बंद, शवों की हो रही बेकद्री

Satya Prakash | Updated: 02 Aug 2019, 07:25:48 PM (IST) Bassi, Jaipur, Rajasthan, India

 

-राजमार्ग पर 135 किमी की दूरी में किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं डीप फ्रीजर

 


शाहपुरा/कोटपूतली.

 


जयपुर -दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन सड़क हादसों में अज्ञात लोगों की मौत होती रहती है। कई बार दूसरे क्षेत्र के लोग हत्या के बाद शव को इस क्षेत्र में डाल जाते है। मानसिक रूप से विक्षिप्त लोागों की मौत होने पर इनकी शिनाख्त के लिए शव को कई दिनों तक मोर्चरी में रखना पड़ता है, लेकिन राजमार्ग पर शाहजहांपुर से आमेर के बीच 135 किमी के बीच आने वाले सरकारी अस्पतालों की किसी भी मोर्चरी में डीप फ्रीजर

 

 

 


नहीं होने से शव को निजी अस्पतालों की मोर्चरी में रखना पड़ता है। राजमार्ग पर कोटपूतली कस्बे में जिला स्तरीय 250 बैड के सरकारी अस्पताल के अलावा बहरोड़ व शाहपुरा के अस्पताल की मोर्चरी में भी डीप फ्रीजर नहीं है।

 

 

बीडीएम अस्पताल को हाल ही में जिला अस्पताल का दर्जा दिया गया है। इसके बावजूद यहां डीप फ्रीजर की व्यवस्था नहीं है। पुलिस को मृत अज्ञात लोगों की शिनाख्त के लिए शव को कई दिन तक सुरक्षित रखना होता है। कई बार शिनाख्त होने के बाद भी परिजनों के आने में एक से दो दिन का समय लग जाता है। ऐसे में डीप फ्रीजर होना जरूरी है।

 

 

 

 

 

गर्मी के मौसम में अधिक परेशानी

 


सर्दी के मौसम में तो एक दो दिन तक पुलिस बर्फ के सहारे काम चला लेती है, लेकिन गर्मी के मौसम में एक दिन बाद ही शव से तेज दुर्गन्ध आना शुरू हो जाती है। कोटपूतली, पनियाला व प्रागपुरा थाना क्षेत्र में प्रतिमाह औसतन तीन से चार अज्ञात लोगों की मौत विभिन्न कारणों से होती है।

 

इनमें से कई की तो एक दो दिन बाद शिनाख्त हो जाती है। कई ऐसे भी होते है जिनकी चार पांच दिन तक भी शिनाख्त नहीं होती है। ऐसे शवों का बाद में मानव कल्याण सेवा समिति की ओर से अन्तिम संस्कार किया जाता है।

 

 

 


97 लावारिस शवों का अन्तिम संस्कार
यह समिति पिछले कई वर्षो से लावारिस शवों का अन्तिम संस्कार कर रही है। मानव कल्याण सेवा समिति अपने खर्चे पर पिछले 13 साल से लावारिश शवों के अन्तिम संस्कार में जुटी हुई है।

इसके लिए संस्था के सदस्य किसी से कोई चंदा नहीं लेते है। इसके बाद भी समिति कोटपूतली, पनियाला व प्रगापुरा थाना क्षेत्र में अब तक मिले 97 लावारिस शवों का अन्तिम संस्कार कर चुकी है। कई दिन पुराने सड़े गले और क्षत विक्षत शवों के संस्कार में अधिक परेशानी होती है। कई शव तो आठ से दस पुराने हो जाते है। इनकी दुर्गन्ध 100 फुट तक फैल जाती है। लेकिन इस सबके बाद भी सिमिति के सदस्य हिन्दू रीति रिवाज से लावारिस शव का अन्तिम संस्कार करते है।

 

 

 

सात लाख रुपए हुए थे स्वीकृत
दो साल बीडीएम अस्पताल की मोर्चरी के नवीनीकरण व परिजनों के बैठने की व्यवस्था करने के लिए १५ लाख व दो डीप फ्रीजर खरीदने के लिए सात लाख का बजट स्वीकृत हुआ था। चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग ने नवीनीकरण के लिए १५ लाख रुपए के कार्यो की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृत जारी कर दी। इसके बाद मोर्चरी के भवन का नवीनीकरण का कार्य पूरा हो गया।

 

विभाग ने डीप फ्रीजर खरीदने के लिए सात लाख रुपए आरएमएनएचसी को स्थानांतरित किए थे। वहां से अस्पताल को डीप फ्रीजर उपलब्ध हो गया, लेकिन इसे अभी मोर्चरी में लगाया नहीं गया है। इससे इसका उपयोग नहीं हो रहा है। अस्पताल शव को दो से अधिक तीन दिन तक मोर्चरी में रखने से इसमें हाने वाली दुर्गन्ध के चलते इसका पोस्टमार्टम और अन्तिम संस्कार करने में परेशानी होती है।

 

 


फैक्ट फाइल
अज्ञात शवों की स्थिति
वर्ष अज्ञात शव दो दिन बाद हुई शिनाख्त एक दिन बाद हुई शिनाख्त
2015 02 04 07
2016 05 03 06
2017 04 03 04
2018 06 02 04

 

 

 

 

 

 

 

 

-----अस्पताल की मोर्चरी में डीप फ्रीजर के लिए बजट स्वीकृत हुआ था। बजट राशि को आरएमएनएचसी को स्थानांतरित की गई थी। वहां से डीप फ्रीजर उपलब्ध हो गया है। लेकिन मोर्चरी का नया भवन प्रस्तावित है। इसका निर्माण शीघ्र शुरू होने वाला है। इसलिए इसे नए भवन में स्थापित किया जाएगा।

------डॉ.आर.आर.यादव प्रमुख चिकित्सा अधिकारी

 

 

 

अज्ञात शव को दो तीन से तीन दिन तक मोर्चरी में रखने के दौरान डीप फ्रीजर नहीं होने से परेशानी होती है। दुर्गन्ध के चलते शव के नजदीक कोई नहीं जाना चाहता है। डीप फ्रीजर होने से इस समस्या से निजात मिल सकती है। -----जहीर अब्बास थाना प्रभारी कोटपूतली

 

 


अज्ञात शव के तीन से चार दिन पुराना होने पर दुर्गन्ध के चलते अन्तिम संस्कार में परेशानी होती है। इस समस्या के समाधान के लिए यहां अस्पताल में डीप फ्रीजर होना जरूरी है। -----ओमप्रकाश स्वामी अध्यक्ष मनाव कल्याण सेवा समिति

 

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