अब इन सामाजिक कुप्रथाओं को मिटाने एक जुट हुआ समाज

सामाजिक कुप्रथाओं को समाज से मिटाने के लिए बैेठक आयोजित कर लिए समाजजनों ने अनेक समाजहित में निर्णय, ताकि समाज में समानता आए और नई राह खुले

By: Gourishankar Jodha

Published: 20 Jul 2020, 11:07 PM IST

कोटखावदा। सामाजिक कुप्रथाओं को मिटाने के लिए समाज को एकजुट होकर कार्य करना होगा। समाज विकास लिए कुप्रथाओं के मिटने से नई राह खुलेंगी ओर समाज में समानता आएंगी। हम सभी को मिलकर समाज सुधार की ओर बढ़ते हुए मृत्यु भोज, दहेज प्रथा सहित अन्य सामाजिक कुरुतियों को मिटाने के लिए आगे आकर सहयोग करना चाहिए। वहीं अभी वर्तमान में चल रहे राजनीतिक मामले में समाज के निर्देश पर मिलकर काम करेंगे।

बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ
यह बात रविवार को देवनारायण मन्दिर कोटखावदा में आयोजित बैठक में अध्यक्षता करते हुए श्रवण लटाला ने कही। बैठक में मन्दिर निर्माण, आने वाली पदयात्रा, समाज सुधार, बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ, पौधे लगाओ सहित समाज हित में कई मामलों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए। इस दौरान पूर्व सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति जयपुर अध्यक्ष कन्हैया लाल छाबडी, रामस्वरूप रावत, रंगलाल कोली, लादुराम हिगोटी, रामजीलाल, मूलचन्द थूणी, देवनारायण छाबड़ी सहित समाज के कईगणमान्य लोग मौजूद रहे।

जीवन बचाने के लिए किया 61 लोगों ने रक्तदान
अजीतगढ़ कस्बे के समीपवर्ती ग्राम मोद्ययाडी में रविवार को डॉ मंगल यादव के नेतृत्व में 61 लोगों ने उत्साह के साथ रक्तदान किया। यादव ने कहा कि रक्त दान सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है। रक्तदाताओं को सम्मानित कर चायनीज सामान का बहिष्कार करने की शपथ दिलाई गई। शिविर में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के उप संरक्षक सदस्य भगवान सहाय सैनी, सूरजमल फौजी, कमलेश यादव, राहुल यादव मौजूद थे।

Show More
Gourishankar Jodha
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned