अब किसान हर मौसम के फलों का चखेंगे स्वाद और सुधरेगी सेहत !

कल्पवृक्ष' योजना : भौगोलिक स्थिति के अनुरूप लगेंगे पौधे, योजना के क्रियान्वन के लिए ग्राम पंचायतों में भी होंगी बैठक

By: vinod sharma

Published: 07 Jun 2018, 06:05 PM IST

बस्सी (जयपुर)। उपखंड अधिकारी ने कृषि उधान विभाग के सहयोग से क्षेत्र के किसानों को हर मौसम के फलों का स्वाद चखाने के साथ किसानों की सेहत सुधारने की ठान ली है। 'अपना पेड़, अपना फल' जैसी इस सार्थक पहल के लिए वे कृषि अधिकारियों के जरिए किसानों तक अपनी बात पहुंचाकर सेहत और पर्यावरण दोनों का सुधारने में जुट गए हैं। इसी क्रम में बुधवार को उपखंड अधिकारी कार्यालय में कृषि विभाग की ब्लॉक स्तरीय बैठक बुलाई गई। सहायक कृषि अधिकारी और पर्यवेक्षकों की इस बैठक में उपखंड अधिकारी ने अपनी 'कल्पवृक्ष' योजना के क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार की। उन्होंने फलदार पौधों के चयन से लेकर पेड़ लगाने के स्थान, तापमान, पानी-मिट्टी की जांच, खाद की व्यवस्था आदि पर चर्चा कर सुझाव भी मांगे।

5 किसानों के खेत पर लगवाएं 11-11 पौधे
एसडीएम कक्ष में शुरू हुई बैठक में ब्लॉक के करीब सभी सहायक कृषि अधिकारी और पर्यवेक्षकों के साथ अन्य कई जानकार भी उपस्थित रहे। उपखंड अधिकारी अशोक शर्मा ने 'कल्पवृक्ष' योजना से जुड़ी सभी जानकारियां देते हुए बैठक की शुरुआत की। उसके बाद सहायक कृषि अधिकारी और कृषि पर्यवेक्षकों से योजना के बारे में चर्चा कर कार्य योजना तैयार की। उन्होंने कृषि उधान विभाग के सहायक कृषि अधिकारी, कृषि पर्यवेक्षक से हर गांव में कम से कम 5 किसानों के खेत पर 11 तरह के फलदार पौधे लगाने के लिए कहा। पौधे के चयन, किस्म, भूमि तैयारी और तकनीक की जानकारी के साथ पौधों की व्यवस्था के बारे में भी बताया। इस दौरान कृषि अधिकारी राजकुमार सोनी, केदारमल शर्मा, हरमुखराय शर्मा, कृषि पर्यवेक्षक सुरेश जैन, राजहंस नर्सरी रामजीवण मीणा, बस्सी सहायक कृषि अधिकारी जुगलकिशोर शर्मा, उधान विभाग के एएओ रामजीलाल मीणा, प्रगतिशील उधान कृषक मुकेश चौधरी आदि मौजूद रहे।

अच्छी गुणवत्ता के पौधों की व्यवस्था
एसडीएम शर्मा ने बताया कि 'कल्पवृक्ष' योजना के तहत आम, नींबू, पपीता, बिल्वपत्र, अंजीर, अमरूद, करोंदा, सीताफल, अनार, बेर, जामून और आंवला के पौधे लगाए जाएंगे। ये फल किसानों की सेहत सुधारने में सहायक होंगे। इसके लिए क्षेत्र के ऐसे किसानों का चयन किया जाएगा, जो सकारात्मक सोच रखते हों। साथ ही पर्यावरण प्रेमी और पौधे खरीदने में सक्षम हों। उन्होंने कहा कि इस योजना से जुड़कर किसान अपनी तीन पीढिय़ों के लिए फल उपलब्ध करवा सकेगा। साथ पर्यावरण में उपस्थित सभी जीव जंतुओं को सुरक्षित रख सकेगा।

जल्द होंगी बैठकें
योजना को जल्द क्रियान्वित करने के लिए बस्सी क्षेत्र के सहायक कृषि अधिकारी कार्यालयों में एसडीएम की अध्यक्षता में किसानों की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें एसडीएम, सहायक कृषि अधिकारी, कृषि पर्यवेक्षक और क्षेत्र के कृषक शामिल होंगे।
-8 जून को तूंगा
-11 जून को जटवाडा
-12 जून कानोता
-13 जून बांसखोह
-14 जून सांभरिया
-15 जून को बस्सी सहायक अधिकारी कार्यालय में बैठक होगी।

vinod sharma
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