online employment taggi बेरोजगार युवाओं से यूं हो रही थी ठगी, फर्जी वेबसाइट पर बायोडाटा डालते ही आने लगते थे नौकरी के आफर

online employment  taggi बेरोजगार युवाओं से यूं हो रही थी ठगी, फर्जी वेबसाइट पर बायोडाटा डालते ही आने लगते थे नौकरी के आफर
online taggi employment बेरोजगार युवाओं से यूं हो रही थी ठगी, फर्जी वेबसाइट पर बायोडाटा डालते ही आने लगते थे नौकरी के आफर

Arun Sharma | Updated: 09 Oct 2019, 06:27:59 PM (IST) Bassi, Jaipur, Rajasthan, India

नौकरी के नाम पर आनलाइन ठगी का खुलासा यूं करते थे ठगी पुलिस ने बताया कि मुल्जिमान ने गिरोह बनाकर फर्जी वेबसाइट बना रखी थी। वेबसाइट पर फर्जी नाम व पते से सिम कार्ड क्रय कर फर्जी नंबर अपलोड कर रखे थे और नौकरी का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से रिज्यूम व बायोडाटा मांगते थे। बायोडाटा अपलोड करने के बाद युवाओं को कॉल करके रजिस्ट्रेशन के लिए कॉल आते थे|

बेरोजगार युवाओं से यूं हो रही थी ठगी, फर्जी वेबसाइट पर बायोडाटा डालते ही आने लगते थे नौकरी के आफर

नौकरी के नाम पर आनलाइन ठगी का खुलासा

जयपुर. चन्दवाजी. फर्जी वेबसाइट पर नौकरी का झांसा देकर युवाओं को ठगा जा रहा है। बैंक में नौकरी दिलवाने के नाम पर आनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
जयपुर ग्रामीण की चंदवाजी थाना पुलिस ने ऐसे मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है। अन्य सदस्यों की पुलिस तलाश कर रही है।

jaipur rural police चन्दवाजी थाना प्रभारी विक्रांत शर्मा ने बताया कि रूंडल निवासी मुकेश कुमार शर्मा ने अप्रेल 2019 में मामला दर्ज कराया था। उसने एक वेबसाइट पर अपना बायोडाटा डाला था। इसके बाद बैंक में कैशियर की नौकरी के लिए कॉल आने लगे और उससे करीब तीन लाख 37 हजार की ठगी कर ली। जयपुर ग्रामीण एसपी शंकरदत्त शर्मा व एएसपी ज्ञानचंद यादव के निर्देश पर थाना प्रभारी विक्रांत शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की।

विशेष साइबर सेल ने जुटाए सबूत
Unemployed नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली में Job in bank बैंक खातों के पते व सिम कार्ड धारकों के पते तस्दीक किए। पुलिस ने विशेष साइबर तकनीक से सबूत जुटाए। आरोपियों की पहचान की। जिस पर पुलिस ने एक आरोपी जगवीर सिंह (47) पुत्र शंभू सिंह कश्यप निवासी सोनिया विहार दिल्ली को सोनिया नगर से गिरफ्तार किया है।

यूं करते थे ठगी
पुलिस ने बताया कि मुल्जिमान ने गिरोह बनाकर फर्जी वेबसाइट बना रखी थी। वेबसाइट पर फर्जी नाम व पते से सिम कार्ड क्रय कर फर्जी नंबर अपलोड कर रखे थे और नौकरी का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से रिज्यूम व बायोडाटा मांगते थे। बायोडाटा अपलोड करने के बाद युवाओं को कॉल करके रजिस्ट्रेशन,दस्तावेज सत्यापन, सिक्योरिटी राशि व अन्य के बहाने ऑनलाइन राशि फर्जीखातों में डलवाते थे। बाद में खातों में रूपए आते ही खाता व सिम कार्ड बंदकर लेते थे और दूसरी सिम कार्ड से कॉल करते थे।

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