भोर तक 'नो शोर', आमजन को मिलेगा आराम, रात 10 से सुबह 6 बजे तक चुनाव संबंधी पोस्ट प्रतिबंधित

भोर तक 'नो शोर', आमजन को मिलेगा आराम, रात 10 से सुबह 6 बजे तक चुनाव संबंधी पोस्ट प्रतिबंधित

Vinod Sharma | Publish: Nov, 10 2018 02:42:38 PM (IST) Bassi, Jaipur, Rajasthan, India

मतदाता की गोपनीयता के सम्मान में जिला निर्वाचन अधिकारी की पहल, कंट्रोल रूम में कर सकते हैं शिकायत

बस्सी (जयपुर)। देर-सवेर होने वाले अनावश्यक चुनाव प्रचार से आमजन को राहत मिलेगी। राहत भी ऐसी कि कोई बड़ी पार्टी या निर्दलीय प्रत्याशी जब मन चाहा प्रचार के नाम पर आमजन का दरवाजा नहीं खटखटा सकता। न देर रात नींद से उठा सकेगा और ना ही लाउड स्पीकरों से शोर मचा सकेगा। ऐसा किया, तो उसके खिलाफ आचार संहिता का मामला दर्ज कर कार्यवाही की जा सकती है। आमजन की गोपनीयता का सम्मान करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसके लिए आदर्श आचार संहिता के तहत गाइड लाइन जारी की है। इसमें रात्रि 10 से प्रात 6 बजे तक आमजन को प्रचार के नाम पर परेशान नहीं किया जाएगा। इससे सामान्य रूप से उसके सार्वजनिक जीवन में बाधा उत्पन्न नहीं होगी।

सोशल पोस्ट ना व्यक्तिगत प्रचार
कार्यालय जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) जयपुर के अनुसार सोशल मीडिया, एसएमएस, वॉट्सअप और वॉट्सअप कॉल आदि के जरिए चुनाव प्रचार पोस्ट पर रात्रि 10 से प्रात 6 बजे तक प्रतिबंध होगा। इस दौरान घर-घर जाकर भी प्रचार नहीं कर सकते। लाउड स्पीकर और दूसरे ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी नहीं कर सकते। ऐसा करने पर इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।

परेशान ना हों, कंट्रोल रूम को बताएं
वैसे तो जिला निर्वाचन अधिकारी जयपुर की ओर से आचार संहिता के उल्लंघन को रोकने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में उडऩ दस्ते, नाकाबंदी निगरानी दल और कंट्रोल रूम स्थापित कर किए जा चुके हैं। ये दल प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के अनावश्यक प्रचार से मतदाता को होने वाली परेशानी का भी समाधान कर रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके यदि आमजन परेशान होता है, तो वो इसकी शिकायत सीधे कंट्रोल रूम में कर सकता है। तहसील परिसर में स्थापित कंट्रोल रूम के टेलीफोन नंबर 01429-226230 पर शिकायत कर सकता है। इससे तुरंत गिगरानी दलों को सूचित कर कार्यवाही करवाई जाएगी। रात्रि 10 से सुबह 6 बजे तक प्रचार के लिए आने वालों की शिकायत भी इसी नंबर पर की जा सकती है।

24 घंटे तीन शिफ्टों में हो रही निगरानी
सभी विधानसभा क्षेत्रों में फ्लाइंग स्क्वायर्ड (एफएस), स्टेट सर्विलेंस टीम (एसएसटी) और वीएसटी तैनात किए जा चुके हैं। बस्सी विधानसभा क्षेत्र में तीन उडऩ दस्ते और तीन स्थैतिक निगरानी दल आठ-आठ घंटे की तीन पारियों में काम रहे हैं। इनके अलावा एक वीएसटी भी कार्यरत है। इन सभी दलों की मॉनिटरिंग और इनके बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए कंट्रोल रूम (नियंत्रण कक्ष) भी स्थापित है। तहसील परिसर में बनाए गए इस कंट्रोल रूम के माध्यम से कहीं भी आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी या शिकायत को संग्रहित किया जाता है। इसके बाद उस पारी में उपस्थित दलों के प्रभारी को इसकी जानकारी देकर मौके पर भेजा जाता है।

किसकी क्या है जिम्मेदारी
उडऩ दस्ता का कार्य चुनावी रैली, सभा और बैठकों पर निगाह रखना है। ऐसे किसी आयोजन में आचार संहिता का उल्लघंन होने से रोकना है। ये दल पूरे कार्यक्रम की वीडियो और फोटोग्राफी कर रिटर्निंग अधिकारी को सूचित करता है। तीन उडऩ दस्तों के प्रभारी फतेहलाल चौधरी, जी.एल. कुमावात और पवन कुमार वर्मा हैं। इसी प्रकार तीन स्थैतिक निगरानी दल नाकाबंदी पर तैनात हैं। इनका कार्य नाकाबंदी के दौरान गाडिय़ों की जांच करना, उनमें चुनाव प्रचार सामग्री, धन आदि पाए जाने पर संबंधित थाना पुलिस को साथ लेकर कार्यवाही करना है। इन्हें फिलहाल तीन पॉइंटों पर लगाया हुआ है। इनमें एक पॉइंट पाटन से रूपाहेड़ी चौराहा तक, दूसरा पांच दुकान से कानोता तिराहा तक और तीसरा नाकाबंदी केन्द्र बस्सी चक से बांसखोह तक है। नाकाबंदी दलों के प्रभारी (एसएसटी) एम.सी, व्यास, वी.के. सिंद्ध और डॉ. रामजीत हैं। सुशील कुमार खींची को वीएसटी बनाया गया है।

इनका कहना है
आमजन को अनावश्यक चुनाव प्रचार से होने वाली परेशानी से दूर रखने के लिए यह गाइड लाइन प्रभावी हो चुकी है। जिला निर्वाचन अधिकारी से निर्देश मिलते ही इसे विधानसभा क्षेत्र में प्रभावी कर दिया। इसके उल्लंघन पर आमजन सीधे कंट्रोल रूम में शिकायत कर सकते हैं।
रामकुमार वर्मा, रिटर्निंग अधिकारी और एसडीएम, बस्सी

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned