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करोड़ों का व्यापार, फिर भी राजस्थान के ट्रांसपोर्ट हब का घुटने लगा दम, जानिए क्या है कारण


दिनभर रहती है वाहनों की रेलमपेल

बस्सी

Published: February 20, 2022 01:14:47 pm


सडक़ों की चौड़ाई बढ़ाने के बाद भी समस्या बरकरार

शाहपुरा (जयपुर )। राजस्थान में ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विख्यात जयपुर जिले के शाहपुरा क्षेत्र के अधिकांश लोगों का मुख्य व्यवसाय ट्रांसपोर्ट का है। ट्रांसपोर्ट सिटी शाहपुरा में करीब एक लाख लोग इस व्यवसाय से जुड़े हुए है और करोड़ों का व्यापार होता है, फिर भी पिछले कुछ सालों से शहर का दम घुटता जा रहा है। जानिए क्या है कारण।
करोड़ों का व्यापार, फिर भी राजस्थान के ट्रांसपोर्ट हब का घुटने लगा दम, जानिए क्या है कारण
करोड़ों का व्यापार, फिर भी राजस्थान के ट्रांसपोर्ट हब का घुटने लगा दम, जानिए क्या है कारण

जिले की कतार में खड़े शाहपुरा शहर में दिनोंदिन बढ़ रहे वाहनों की रेलमपेल, सडक़ सीमा तक फैले अतिक्रमण और बेतरतीब वाहन पार्किंग के चलते अब शहर का दम घुटने लगा है। करीब 45 हजार से अधिक की आबादी वाले शहर की मुख्य सडक़ों की करीब 4 साल पहले चौड़ाई बढ़ाने के बावजूद वाहनों के दबाव के चलते वाहनचालकों को ज्यादा दिनों तक जाम से राहत नहीं मिल पाई है।
पुलिस व नगरपालिका प्रशासन की अनदेखी से शहर की मुख्य सडक़ों की चौड़ाई बढ़ाने के बावजूद शहर में फिर से यातायात व्यवस्था का ढर्रा बिगड़ता जा रहा है। कस्बे की सडक़ सीमा तक दुकानदारों और थड़ी ठेलों के फिर से हुए अतिक्रमणों और बेतरतीब खड़े रहने वाले वाहनों के चलते फिर से जाम की समस्या आम होती जा रही है। इससे शहरवासियों और वाहनचालकों का सुगम आवागमन का सपना धूमिल होता जा रहा है।

न्यू बस स्टैंड रोड, पुराना दिल्ली रोड व पीपली तिराहा पर तो हालात खराब होते जा रहे हैं। यहां थड़ी, ठेलों और वाहनों के बेतरतीब तरीके से खड़े रहने से दिन में कई बार जाम के से हालात रहते हैं। कई बार तो पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहनचालकों तक को गुजरने को जगह नहीं मिलती। ऐसे में आमजन परेशान है।
कस्बे से भारी वाहनों के आवागमन से समस्या अधिक बढ़ रही है। जिससे कई बार तो एम्बुलेंस सहित आपातकालीन वाहनों को भी निकलने को पर्याप्त जगह नहीं मिलती। यहां तक कि पैदल राहगीरों तक का आवागमन दूभर हो रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए पहले की तरह से फिर से पुलिस व नगरपालिका प्रशासन को ध्यान देना होगा। तभी आमजन की राह आसान हो सकती है।
आधी सडक़ तक बेतरतीब पार्किंग सबसे बड़ी समस्या


शहर की मुख्य सडक़ों पर बेतरतीब तरीके से खड़े रहने वाले वाहन समस्या का कारण बने हुए हैं। शहर की मुख्य सडक़ न्यू बस स्टैंड रोड, नीमकाथाना रोड़ व पुराना दिल्ली रोड की चौड़ाई बढ़ाने के बाद कुछ साल तक आमजन ने राहत महसूस की थी, लेकिन अब फिर से आधी सडक़ तक बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े रहते हैं। कई जगह सडक़ों पर ही थड़ी, ठेले वाले भी खड़े रहते हैं। ऐसे में वाहनों के आवागमन के लिए आधी ही सडक़ बचती है। भारी वाहनों के आवागमन के दौरान समस्या अधिक बढ़ जाती है।
पालिका ने तय की थी सीमा, उसे भी नहीं मान रहे


पिछले दिनों नगरपालिका ने मुख्य सडक़ों पर दुकानदारों के लिए दुकानों के बाहर सामान रखने और वाहनों की पार्किंग के लिए सीमा निर्धारित कर लाइनिंग की थी। वर्तमान में उसे न तो दुकानदार मान रहे और न ही वाहन मालिक। नगरपालिका भी सीमा तय करने के बाद भूल गई। जिसके चलते आधी सडक़ अस्थायी अतिक्रमणों और बेतरतीब तरीके से खड़े रहने वाले वाहनों की भेंट चढ़ी रहती है। जिसके चलते वाहनों और पैदल राहगीरों को निकलने में समस्या होती है।
भारी वाहनों का आवागमन बढ़ा रहा मर्ज


कस्बे में पार्किंग का स्थान निर्धारित नहीं होने और प्रशासन की अनदेखी से मनमर्जी की पार्किंग हो रही है। लोग मुख्य सडक़ों पर ही जहां जगह दिखती है अपने वाहनों को खड़ा कर देते हैं। इसके अलावा शहर से ट्रक-ट्रोलों व अन्य भारी वाहनों का आवागमन भी समस्या का कारण बना हुआ है। जिससे हालात खराब रहते हैं। कस्बे से दिनभर भारी वाहनों के निकलने के कारण भी दिन में कई बार जाम की समस्या देखने को मिलती है। विडम्बना तो यह कि पुलिस भी इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रही।
वर्ष 2017-18 में बढ़ाई थी सडक़ो की चौड़ाई
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शाहपुरा में वर्ष 2017-18 में तत्कालीन नगरपालिका प्रशासन ने कस्बे में लगने वाले जाम की समस्या से आमजन को निजात दिलाने के लिए कस्बे की मुख्य सडक़ों की चौड़ाई बढ़ाई थी। सडक़ की चौड़ाई बढ़ाने के बाद कृषि मंडी से लेकर खातेड़ी मोड़ तक सडक़ के बीच सेंटर डिवाइडर से एक तरफ 7 मीटर की सडक़ का निर्माण किया था। वहीं पुराना दिल्ली रोड पर सडक़ के सेंटर से करीब 5.50 मीटर सडक़ का निर्माण किया गया था।

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इनसे बढ़ रही समस्या


-शहर में वाहनों के लगातार बढ़ रहे दबाव को देखते हुए भारी वाहनों के लिए बाइपास का निर्माण हो।
-शहर की मुख्य सडक़ों पर बेतरतीब तरीके से थड़ी, ठेले वाले और वाहन खड़े रहते हैं, इनके लिए फिर से सीमा निर्धारित की जाए।
-दुकानदारों के लिए भी सीमा निर्धारित की जाए और इनकी पालना हो।
-शहर में कहीं पार्किंग का स्थान निर्धारित किया जाए
-सडक़ पर जहां भी बस स्टैंड बने हुए हैं, उसके लिए भी उपयुक्त स्थान निर्धारित हो

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