death ban - रिश्तेदारों ने दबाव बनाया, लेकिन नहीं किया मृत्यु भोज

मृत्यु भोज त्याग कर गौशाला में 125 मण चारा, एक क्ंिवटल गुड दिया दान

By: Gourishankar Jodha

Published: 06 Jan 2021, 12:32 PM IST

जोबनेर। पिता की मृत्यु के पश्चात रिश्तेदारों द्वारा मृत्युभोज करने का दबाव बनाया, लेकिन इसके बावजूद मृत्युभोज जैसी कुप्रथा को बन्द करने की पहल की। साथ ही फैसला लिया कि बस्सी नागान स्थित गौशाला में गौमाता के लिए 125 मण सूखा चारा व 1 क्ंिवटल गुड दान किया, जिसकी सब जगह प्रशंसा हो रही है।
कस्बे के समीपवर्ती भीखावास निवासी हीरालाल, श्रवणलाल जीतरवाल ने बताया कि उनके पिता धानाराम जीतरवाल की २५ दिसम्बर को मृत्यु हो गई थी। परम्परा के मुताबिक रिश्तेदार मृत्युभोज करने का दबाव डाल रहे थे, परन्तु धानाराम के पुत्र श्रवणलाल, हीरालाल, मानाराम, पौत्री बस्सी नागान उपसरपंच हंसा व विनोद जीतरवाल ने इस कुप्रथा को बन्द करने का निर्णय लिया।

समाज के लोगों को पहल करनी होगी
उन्होंने मृत्युभोज नहीं कर गौशाला में सूखा चारा व गुड दान किया। हीरालाल ने बताया कि ऐसी कुप्रथाओं को बन्द करने के लिए समाज के लोगों को पहल करनी होगी। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में जहां आम आदमी का रोजगार छिन गया है। ऐसे में मृत्युभोज जैसी कुप्रथा के चलते एक व्यक्ति कर्ज के तले भी दब जाता है।

Gourishankar Jodha
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