एसएमएस हॉस्पिटल के एक हिस्से को कोविड डेडिकेटेड किया जाए- सराफ

पूर्व चिकित्सा मंत्री और विधायक कालीचरण सराफ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पूर्व में पत्र लिखकर की गई अपनी मांग को दोबारा दोहराया है। कोविड 19 के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सराफ ने एसएमएस अस्पताल परिसर के एक हिस्से को कोविड डेडिकेटेड करने की मांग की है।

By: Umesh Sharma

Published: 20 Nov 2020, 05:02 PM IST

जयपुर।

पूर्व चिकित्सा मंत्री और विधायक कालीचरण सराफ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पूर्व में पत्र लिखकर की गई अपनी मांग को दोबारा दोहराया है। कोविड 19 के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सराफ ने एसएमएस अस्पताल परिसर के एक हिस्से को कोविड डेडिकेटेड करने की मांग की है। साथ ही कोविड मरीजों से भारी फीस वसूली कर रहे निजी अस्पतालों पर लगाम लगाने के लिए 60 प्रतिशत बेड्स का अधिग्रहण करके उपलब्ध खाली बेड्स की संख्या का प्रतिदिन सार्वजनिक प्रकाशन करने व ऑन लाइन आंकड़े जारी करने की मांग की है।

सराफ ने कहा कि एसएमएस हॉस्पिटल प्रदेश का सबसे बड़ा चिकित्सा केंद्र है और सामान्य व गंभीर हर तरह की बीमारी के मरीज प्रतिदिन बड़ी संख्या में अपना इलाज कराने यहां आते हैं और उनमें से यदि कोई मरीज कोरोना संक्रमित है तो उसे इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में भागदौड़ करनी पड़ती है। प्रदेश में जिस तरह से कोरोना बेकाबू हो चुका है और कोविड मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जयपुर के सरकारी व निजी अस्पतालों में बेड्स उपलब्ध नहीं हैं ऐसे में सरकार को एसएमएस हॉस्पिटल के एक हिस्से में कोविड मरीजों का इलाज शुरू करना चाहिए, जिससे गरीब व मध्यमवर्गीय कोविड मरीजों को सस्ता व अच्छा इलाज मिल सके।

उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल महामारी के संकट में निजी अस्पतालों ने लूट मचा रखी है। इन अस्पतालों में मरीज को कई तरह की अनावश्यक जांचों व इमरजेंसी के नाम पर तथा बेड्स की झूठी कमी बताकर जनता से मनमाना पैसा वसूला जा रहा है। इस लूट को रोकने के लिए सरकार नियमित रूप से निजी अस्पतालों की मोनिटरिंग करे तथा कोविड मरीजों को बेड्स व रियायती दरों पर जांच सुविधा उपलब्ध करवाने हेतु पाबंद करे।

Umesh Sharma Reporting
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