जयपुर में 13 जनों की डूबने से मौत, फिर भी जिम्मेदार लापरवाह

जयपुर में 13 जनों की डूबने से मौत, फिर भी जिम्मेदार लापरवाह

Vinod Sharma | Updated: 13 Sep 2019, 04:35:42 PM (IST) Bassi, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर जिले में अलग-अलग जगह हुए हादसों में 28 जुलाई से 12 सितम्बर तक बांध और तालाब में डूबने से 13 लोगों की मौत हो चुकी है। ( death by drowning ) हो गई। इनमें एक साथ 3 बहनों और 2 भाईयों का मामला भी शामिल है। Jaipur Latest News in Hindi इसके बाद भी जिम्मेदार बांधों और तालाबों पर सुरक्षा के प्रबंध नहीं कर रहे है।

जयपुर. मानसून की मेहरबानी से भले ही जिले के कई गांवों में छोटे-बड़े जलस्रोत लबालब हो गए लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण इन जलस्रोतों में भरा 'अमृतÓ कई जिदंगियों के लिए 'जानलेवाÓ साबित हो गया। बच्चों की नादानी की वजह से तालाब, नाडी या बांधों में पिछले सवा माह में 13 जीवन पानी में डूब गए। आश्चर्य की बात है कि प्रशासन की ओर से इन जलस्रोतों के आसपास कोई तारबंदी या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। जिसकी वजह से अब भी नादानी में कई बच्चे व युवा बिना रोक-टोक नहाते हैं।

चाकसू : नहाने के दौरान डूबा रामराज
चाकसू कस्बा स्थित गोली राव तालाब में 12 सितम्बर की देर शाम 45 वर्षीय रामराज रोजाना की तरह तालाब पर नहाने गया था। इस दौरान संतुलन बिगड़ने से वह पानी में डूब गया; जिससे उसकी मौत हो गई।

बांसखोह : हादसों से भी नहीं चेते
बांसखोह के नईनाथ धाम स्थित बोडया पर बने एनिकट में 10 दिन में दो युवकों की डूबने से मौत हो चुकी है। पहला हादसा 28 अगस्त को दूसरा 8 सितम्बर को हुआ। पहले पाटन के श्रीनगर चारागाह की तलाई में एक बालक डूब गया था। फिर भी जिम्मेदारों की ओर से सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए है। अब भी बेरोक-टोक गहरे पानी में युवा नहाते हैं।

देवगांव : ना सुरक्षा ना चेतावनी बोर्ड
फालियावास स्थित रतननाथ बांध में 10 अगस्त को डूबने से एक व्यक्ति की मौत होने के बाद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए। वहीं 12 अगस्त को खिजुरिया ब्राह्मणान के पीपल्याबाई बांध में नहाने उतरे 2 चचेरे भाई दलदल में फंसने और तैरना नहीं आने से डूब गए। बावजूद इसके यहां कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए और इन बांधों पर कोई चेतावनी बोर्ड व संकेतक नहीं हैं।

दूदू-फागी : बच्चों को तालाब में जाने से रोकें
दूदू के नोल्या गांव में जरा-सी लापरवाही से 29 अगस्त को तीन बच्चियां बारिश में भरी नाडी में डूब गई। वहीं फागी के तालाब और कुंडली के तालाब में डूबने से दो युवकों की मौत हो गई। गांवों में छोटे-बड़े जलस्रोत बारिश में भर गए। प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीणों को भी सावधानी बरतनी चाहिए और छोटे बच्चों को ऐसे जलस्रोतों में नहाने से रोकना चाहिए।

कानोता : सेल्फी नहीं बन जाए मौत की सेल्फी
कानोता बांध पर 14 अगस्त को चार दोस्त सेल्फी लेने पहुंचे। सेल्फी के लिए पानी में उतरना भारी पड़ गया। इस दौरान दो दोस्त पानी में डूब गए। इनमें एक की मौके पर ही मौत हो गई। गहरे पानी में उतरकर सेल्फी लेना जीवन के लिए महंगा साबित हो गया। जयपुर के पास बड़ा बांध होने के बाद भी इस बांध के आसपास कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है।

जयपुर में 13 जनों की डूबने से मौत, फिर भी जिम्मेदार लापरवाह

कब-कहां हादसे-
12 सितम्बर : चाकसू के गोलीराव तालाब में डूबने से रामराज (45) पुत्र गंगाराम नारोलिया की नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई।
9 सितम्बर : को फागी के कुडली में भी हरीराम भील (35) की तालाब में डूबने से मौत हुई।
8 सितम्बर : को नईनाथ धाम स्थित बोड्या के एनिकट में हरिनारायणपुरा निवासी मनीष मीना की नहाते हुए डूबने से मौत हो गई थी।
29 अगस्त : को दूदू के पास नोल्या गांव में नाड़ी में नहाने गई तीन बच्चियां डूब गई। ये तीनों बहने थी।
28 अगस्त को शिवदासपुरा के पाचूंडा निवासी कमलेश कुमार मीणा की नईनाथ धाम स्थित बोड्या के एनिकट में डूबने से मौत हो गई थी।
25 अगस्त : को फागी के तालाब में डूबने से राजू खटीक (22) की मौत हुई।
14 अगस्त : को कानोता बांध में डूबने से एक की मौत हुई थी।
12 अगस्त: ग्राम पंचायत खिजुरिया ब्राह्मणान के पीपल्याबाई बांध में नहाने उतरे दो चचेरे भाइयों डूब गए थे।
10 अगस्त : ग्राम पंचायत फालियावास के रतननाथ बांध में डूबने से एक की मौत हुई।
28 जुलाई: को पाटन ग्राम पंचायत स्थित श्रीनगर चारागाह में बनी तलाई में एक बालक की डूबने से मौत हो गई थी।

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