पाले का प्रकोप जांचने के लिए इस पौधे को देखने की सलाह देते विशेषज्ञ

ठंड से जनजीवन प्रभावित

By: Surendra

Published: 03 Jan 2020, 03:25 PM IST

आंतेला. क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में गुरुवार सुबह देर तक कोहरा छाया रहा और शीतलहर का सितम जारी रहा। । इससे ग्रामीण इलाके में लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा। घने कोहरे व गलन भरी ठंडी हवा ने लोगों को कपकंपी छुड़ा दी। वहीं सूरज नहीं निकलने से देर तक लोग घरों में गर्म कपड़ो में दुबके रहे। अलाव जलाकर तपते नजर आए। इधर यहां घने कोहरे के कारण जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग समेत संपर्क सड़कों पर दृश्ता कम होने के कारण वाहनों की आवाजही कम रही। वाहन चालकों को दिन में 10 बजे तक लाइटे जलाकर सफर तय करना पड़ा। दुर्घटना की आशंका से राजमार्ग पर यातायात रेंग-रेंग कर चलता रहा। इन दिनों अधिकतम तापमान 8-10 डिग्री नीचे चल रहा है।

आक हो गए खाक

आम तौर पर पाले का प्रकोप जांचने के लिए विशेषज्ञ आक का पौधा देखने की सलाह देते हैं। इन दिनों पाले की मार से आक का पौधा इस तरह लगता है कि वह झुलस कर खाक हो गए। जानकारों ने बताया कि पाले से पौधों की कोशिकाएं का जल जमकर बर्फ बन जाता है। आयतन बढऩे से कोशिका की भित्ती फट जाती है और पौधा मर जाता है।

नहीं ले पाए अवकाश का आनंद

सर्द हवा के कारण बच्चे भी अवकाश का आनंद नहीं ले पा रहे हैं। गत दिनों शिक्षण संस्थाओं की छुट्टियों के दौरान कई लोगों ने बाहर सैर-सपाटे की योजना बनाई थी, लेकिन सर्दी की अधिकता से उनकी तैयारी धरी रह गई। कड़ाके की ठंड से पार्कों, मोहल्लों आदि में नाम मात्र बच्चे खेलते नजर आते हैं। वहीं बड़े-बुजुर्ग भी घरों में रहने को मजबूर है।

रूम हीटर, ऊनी कपडों की बिक्री बढ़ी

कड़ाके की सर्दी का दौर कई दिन से जारी रहने के कारण रूम हीटर, गीजर व गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है। बाजारों में इनकी दुकानों पर ग्राहकों में उछाल आया है। इधर शकरकंद, रेवड़ी, गजक, गुड, मूंगफली इत्यादि गर्म खाद्य एवं पेय पदार्थो की बिक्री भी बढ़ी है।

Surendra
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