Lockdown : मंडी में बाहर से नहीं आ रहे खरीदार, सब्जियों को नहीं मिल रहे भाव

लॉकडाउन : किसानों को मिल रहे औने-पौने दाम

By: vinod sharma

Published: 13 Apr 2020, 03:43 PM IST

बांसखोह/देवगांव(जयपुर). लॉकडाउन के बीच अब किसानों को उनकी सब्जी के पूरे भाव भी नहीं मिल रहे। इसके चलते आमजन को औने-पौने दामों में सब्जी मिल रही हैं। वर्तमान में एक ओर जहां गर्मी की शुरुआत के साथ ही सब्जियों के भाव आसमान में रहते थे, इस बार बाहर की ग्राहकी नहीं होने से किसानों को सब्जी के भाव नहीं मिल रहे। ग्राम पंचायत देवगांव, खतैपुरा, करणगढ़, दनाऊकलां, पालावाला जाटान की हरी मिर्च हर सीजन में जयपुर, कोटा, सवाईमाधोपुर, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश की मंडियों तक पहुंचती थी। किसानों को 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक का भाव मिल जाता था। प्रशासन ने लॉकडाउन के कारण हरी मिर्च का रिटेल प्राइस 60 से 80 रुपए प्रति किलो निर्धारित किया हुआ है लेकिन किसानों को 10 से 15 रुपए किलो में भी मुश्किल से खरीदार मिल रहे हैं। ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

——भावों में आई मंदी—-
किसान कमलेश सैनी, हेमराज शर्मा, मुकेश श्रीनगर, राजू माली आदि ने बताया कि इस बार सब्जी मंडी में बाहर के लोगों की ग्राहकी नहीं होने से सब्जी को भाव नहीं मिल रहे। एक ओर जहां गत वर्ष टिण्डा का भाव इस समय 80 से 100 रुपए किलो था, वहीं इस बार ये 30 रुपए किलो में बेचना पड़ रहा है। मिर्ची, टमाटर थोक मंडी में 7-8 रुपए किलो में मिल रहे हैं। कद्दू, घीया भी थोक मंडी में 5 से 6 रुपए किलो में है।

—-सब्जी की नहीं हो रही खपत—-
सब्जी विक्रेता मुकेश सैनी, राधाकिशन हलकारा, कैलाश सैनी ने बताया कि लॉकडाउन नहीं रहता तो आसपास के इलाके से कर्मचारी वर्ग, मजदूर वर्ग, स्थानीय लोग सब्जी लेकर जाते थे। लेकिन वर्तमान में बाहरी लोगों का आवागमन बंद है। इसके चलते सब्जी की खपत नहीं हो रही, जबकि वर्तमान में सब्जी की आवक खूब हो रही है। कोरोना संक्रमण के चलते लोग बाहर से आ रही सब्जियों से भी दूरी बना रहे हैं।

——सब्जियों का बंपर उत्पादन——
किसान श्रीनारायण बालोत ने बताया कि खेतों में सब्जियों का बंपर उत्पादन हो रहा है लेकिन हम किसान अपनी फसल को मंडियों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। छोटे मोटे दुकान वाले हमारी खेतों तक पहुंच रहे हैं और सब्जी खरीदते हैं लेकिन जितना उत्पादन हम किसानों के पास है वह बिक नहीं पा रहा है। सब्जियां बंपर पैदा हुई है, बाहर की मंडियों तक सप्लाई ठप हो गई है। ऐसे में हमें ओन-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

——अब 15 में भी मुश्किल—-
किसानों ने बताया कि लॉकडाउन से पूर्व हरी मिर्ची का 30 से 35 रुपए किलो का भाव मिल रहा था लेकिन अब 10 से 15 रुपए किलो में भी मुश्किल से खरीदार मिल रहा है। वहीं, आश्चर्यजनक बात यह भी है कि किसानों से 10 से 15 रुपए किलो में हरी मिर्च खरीदने वाले लोग दुकानों पर 60 से 80 रुपए किलो तक हरी मिर्च बेच रहे हैं।


—-सब्जियों के स्थानीय भाव—-
सब्जी थोक भाव खुदरा भाव
टमाटर 7-8...10-15
मिर्ची 8-10...20
घीया 5...10
टिण्डा 25...40
भिण्डी 30...40-50
मतीर 10-12...15-20
कद्दू 5-7...15
(नोट : भाव प्रति किलो हैं)

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