Filmi drama: ऐसा क्या हुआ कि पूरा गांव बना गया 'शोले का धर्मेन्द्र'....देखे वीडियो

Teekam Saini

Updated: 20 Aug 2019, 08:22:34 PM (IST)

Bassi, Jaipur, Rajasthan, India

देवगांव (aakrosh). सुपरहिट फिल्म शोले तो सभी को याद होगी। इसमें अभिनेता धर्मेन्द्र अपनी बात मनवाने के लिए पानी की टंकी पर चढ जाते है और तब तक नहीं उतरते जब तक कि इसकी बात मान नहीं ली जाती। ऐसा ही कुछ नजारा मंगलवार को पंचायत पालावाला जाटान के ग्राम चतरपुरा में देखने को मिला, लेकिन यहां कोई एक व्यक्ति नहीं पूरा गांव ही धर्मेन्द्र बन गया। गुस्साएं लोगों ने पहले पंचायत मुख्यालय पर ताला (Lockout of Panchayat ) जडा फिर पानी की टंकी पर चढ (Villagers climbed the tank) कर अपना आक्रोश जताया। चौंकाने वाली बात तो यह है कि यह फिल्मी ड्रामा करीब 4 घंटे (Drama) तक चला। इसके बावजूद प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों का आक्रोश (aakrosh) और बढ गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पालावाला जाटान के ग्राम चतरपुरा को पंचायत पुनर्गठन (Panchayat Reorganization) और परिसीमन के तहत नवसृजित पंचायत खिजुरिया तिवाड़ीयान में जोड़ने के प्रस्ताव पर मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पडा। मंगलवार सुबह सैकड़ों ग्रामीण पंचायत मुख्यालय पहुंचे और बैठक के लिए आए कार्मिकों और वार्ड पंचों को पंचायत भवन से बाहर निकाल पंचायत मुख्यालय के तालाबंदी (Lockout of Panchayat ) कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान ग्रामीण उपखंड अधिकारी को मौके पर बुलाने और ग्राम चतरपुरा को पालावाला जाटान में रखने की मांग को लेकर करीब 4 घंटे बाद धरने पर बैठे रहे। इस दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम से सम्पर्क करने का भी प्रयास किया, लेकिन एसडीएम ने किसी का फोन नहीं उठाया। सूचना पर पंचायत प्रसार अधिकारी हरिनारायण मीणा मौके पर पहुंचे‌, लेकिन गुस्साएं ग्रामीणों ने पंचायत प्रसार अधिकारी को भी धरने पर ही बैठा लिया और उपखंड अधिकारी को मौके पर ही बुलाने की मांग की। उपखंड अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने पर करीब 1 दर्जन से अधिक ग्रामीण पंचायत मुख्यालय के नजदीक स्थित बीसलपुर पेयजल परियोजना की पेयजल टंकी (Villagers climbed the tank) पर चढ गए और आत्मदाह की चेतावनी दी। मौके पर मौजूद ग्राम विकास अधिकारी विवेक शर्मा, पटवारी दिनेश मीणा, पंचायत प्रसार अधिकारी हरिनारायण मीणा ने ग्रामीणों को समझाइश की कोशिश की, लेकिन वह उपखंड अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर अडे रहे। टंकी के नीचे मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो क्षेत्र में वायरल हो गया। यह ड्रामा करीब 4 घंटे (Drama) तक चला, इसके बावजूद उपखण्ड अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। 3 घंटे पेयजल टंकी पर गुजारने पर भी जिम्मेदारों के मौके पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश (aakrosh) और गहरा गया। बाद में शाम करीब 7 बजे पूर्व मंत्री कन्हैया लाल मीणा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कर टंकी के नीचे उतारा।
यह था मामला
जानकारी के अनुसार ग्राम चतरपुरा पहले पालावाल पंचायत में आता था। पुनर्गठन (Panchayat Reorganization) के बाद के बाद इसे नव नवसृजित पंचायत खिजुरिया तिवाड़ीयान में जोड़ने के प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। ग्रामीणा का कहना था कि खिजुरिया तिवाड़ीयान पंचायत मुख्यालय चतरपुरा गांव से करीब 6 किलोमीटर दूर है। ऐसे में लोगों को पेरशानियों का सामना करना पडेगा। ग्रामीणों ने चतरपुरा गांव को पालावाल पंचायत में ही रखने की मांग की।लेकिन सुनवाई नहीं होने पर मंगलवार सुबह ग्रामीणों का गुस्सा फूट पडा। लोगों ने पहले पंचायत मुख्यालय पर ताला (Lockout of Panchayat ) जडा फिर पानी की टंकी पर चढ (Villagers climbed the tank) कर अपना आक्रोश जताया।

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