मौसम अलर्ट: कोरोना खौफ, किसानों की उड़ा दी नींद

ग्रामीण अंचल में बारिश, किसान खेतों में पकी एवं कटी फसलों को किसान समेटने में लग गए

शाहपुरा। कोरोना के खौफ के बीच लगातार बदल रहे मौसम के मिजाज ने किसानों की नींद उड़ा दी है। क्षेत्र में बारिश होने से कटी फसलों में नुकसान की संभावना है। किसान खेतों में पकी एवं कटी फसलों को किसान समेटने में लग गए हैं। गुरुवार सुबह से आसमां में बादल छाए और करीब आधा घंटा तक बारिश हुई। कई जगह बारिश से फसल आड़ी भी पसर गई। बारिश से कटी-पकी फसलों में नुकसान की संभावना है। किसान धर्मपाल यादव ने बताया कि किसान कोरोना की परवाह किए बगैर फसल समेटने के लिए मजबूर है। इससे किसान दोहरे संकट में है।

बेमौसम बारिश, नहीं मिल रहे मजदूर
कोराना महामारी की जंग लडऩे के लिए सरकार के लॉक डाउन की घोषणा से एक तरफ किसानों कों खेतों में खड़ी जौ, गेंहू की फसल को सिमेटने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। वहीं दूसरी इलाके में हो रही बेमौसम बारिश कोढ में खाज का काम कर रही है। यहां विराटनगर तहसील में बसे कैरली, बहड़ोदा, नीलका, ढाणीगैसकान, भाबरू, बागावास अहिरान, हनुमाननगर, लुहाक ना खुर्द, भगतपुरा,जयसिंहपुरा सहित दर्जनों गांवों में जौ, गेंहू आदि की फसले तैयार खड़ी है। इसमें जौ कि आधी फसल कटकर खेतों में पड़ी है। गुरुवार को तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई है। जिसमें खेत-खलियानों में पकी पकाई फसल भीग गई। इससे फसनों में नुकसान की आंशका से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

दाना व चारा की गुधवत्ता प्रभावित
जीएसएस बजरंगपुरा अध्यक्ष रामस्वरूप स्वामी , तहसील किसान संघ अध्यक्ष भगवत सिंह व रामनगर निवासी किसान रामस्वरूप चौधरी ने बताया कि बेमौसम बारिश से फसल का दाना व चारा की गुधवत्ता प्रभावित हो रही है। किसानों को मंहगाई के दौर में बैंक का कर्ज व साहूूकारों की उधारी चुकाने की चिंता सता रही है। लॉकडाउन से किसानों को मजदूरों के अभाव खेतों में खड़ी फसल सिमेटना टेढी खीर साबित हो रहा है।

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Gourishankar Jodha
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