scriptabsconded amar mani tripathi kidnapping case | क्या अब भी कायम है अमरमणि का रसूख, भगोड़े अमरमणि को नहीं तलाश पा रही है पुलिस | Patrika News

क्या अब भी कायम है अमरमणि का रसूख, भगोड़े अमरमणि को नहीं तलाश पा रही है पुलिस

locationबस्तीPublished: Jan 31, 2024 10:35:59 pm

Submitted by:

anoop shukla

कोर्ट ने पूर्व में संपत्ति के संबंध में मांगी गई रिपोर्ट न मिलने पर जिलाधिकारी को रिमाइंडर भी जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी। व्यापारी पुत्र के अपहरण केस में अमरमणि त्रिपाठी के खिलाफ विशेष न्यायाधीश MP-MLA/सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में सुनवाई चल रही है।

क्या अब भी कायम है अमरमणि का रसूख, भगोड़े अमरमणि को नहीं तलाश पा रही है पुलिस
क्या अब भी कायम है अमरमणि का रसूख, भगोड़े अमरमणि को नहीं तलाश पा रही है पुलिस
बस्ती अपहरण केस में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। अमर मणि के खिलाफ बस्ती MP-MLA कोर्ट का सख्त रवैया बरकरार है। मंगलवार को केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कोतवाल को आदेश दिया कि अमरमणि की देश में जहां भी संपत्ति हो उसकी रिपोर्ट अगली सुनवाई तक पेश करें। अन्यथा उनके विरुद्ध विपरीत उपधारणा की जाएगी।
कोर्ट ने DM बस्ती को जारी किया रिमाइंडर

इसके साथ ही कोर्ट ने पूर्व में संपत्ति के संबंध में मांगी गई रिपोर्ट न मिलने पर जिलाधिकारी को रिमाइंडर भी जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी। व्यापारी पुत्र के अपहरण केस में अमरमणि त्रिपाठी के खिलाफ विशेष न्यायाधीश MP-MLA/सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में सुनवाई चल रही है। इससे पहले दो दिसंबर को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अमरमणि की चल-अचल संपत्ति का पता कर कुर्की करने का आदेश दिया था।
घोषित है भगोड़ा, घर पर चिपकी है कुर्की की नोटिस

दरअसल, 22 साल पुराने बस्ती किडनैपिंग केस में अमरमणि को एक नवंबर को कोर्ट में पेश होना था। लेकिन, वो पेश नहीं हुए। जिसके बाद MP-MLA कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई और अमरमणि को हाजिर कराने का आदेश दिया है।
जब अमरमणि त्रिपाठी का कोई पता नहीं लगा तो पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। साथ ही घर पर कुर्की का नोटिस भी चस्पा कर दिया। फिलहाल, पुलिस ने अमरमणि त्रिपाठी की गिरफ्तारी के लिए 3 टीमों को लगाया है। कोर्ट ने उसे आज यानी कि 16 नवंबर से लेकर कई बार को गिरफ्तार करके कोर्ट के सामने हाजिर करने का आदेश भी दिया था।
लेकिन, अब तक वह पकड़ा नहीं जा सका। वहीं, अमरमणि के गोरखपुर में हुमायूंपुर दक्षिणी स्थित आवास पर बस्ती कोतवाली पुलिस ने बीते शनिवार को कुर्की का नोटिस चस्पा किया था। यह कार्रवाई बस्ती MP-MLA कोर्ट के आदेश पर हुई थी। अपहरण के 22 साल पुराने मामले में मुख्य आरोपी अमरमणि के कोर्ट में हाजिर न होने पर कुर्की का आदेश एक नवंबर को जारी हुआ था।
22 साल पहले दर्ज हुआ था केस, फरार होने से नही हो पा रही है सुनवाई

दरअसल, अमरमणि त्रिपाठी पर बस्ती कोतवाली में 22 साल पहले अपहरण करने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसकी सुनवाई बस्ती की MP-MLA कोर्ट में चल रही है। लेकिन मुख्य आरोपी अमर मणि त्रिपाठी के लगातार कोर्ट में पेश न होने के चलते इस मामले में आगे की कार्यवाही नहीं हो पा रही है।
जिस पर कोर्ट के जज ने कड़ा रूख अपनाते हुए बस्ती SP को यह आदेश दिया कि वह हर हाल में अमरमणि त्रिपाठी को कोर्ट में पेश करे।लेकिन, बस्ती पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश करने में असफल साबित हुई। जिसके बाद कोर्ट ने बस्ती के SP को फटकार लगाई और कहा कि गरीब अपराधियों को पकड़ने में पुलिस महकमा पूरी तत्परता से लग जाता है, पैरवी भी बड़ी ही तत्परता पूर्वक करता है। लेकिन जैसे ही किसी प्रभावशाली दुर्दांत अपराधी को पकड़ने की बात आती है तो पुलिस के कदम डगमगा जाते हैं।
अमरमणि को तलाश नहीं सकी पुलिस

बस्ती पुलिस की कार्य प्रणाली पर कोर्ट ने आपत्ति जताते हुए कहा कि बस्ती पुलिस के इस ढुलमुल रवैए से फरार अभियुक्त की पेशी न होने के चलते इस मामले में सुनवाई लगातार लंबित होती चली जा रही है। जिसके बाद पुलिस टीम ने अमर मणि त्रिपाठी के मिलने वाले संभावित ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वो नहीं मिला। इतना ही नहीं बस्ती पुलिस ने ये भी कहा कि गिरफ्तारी से बचने के लिए अभियुक्त फरार चल रहा है।
अमरमणि के वकील ने खराब तबियत का दिया हवाला

अमर मणि त्रिपाठी के वकील ने खराब तबियत का हवाला देते मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। साथ ही कोर्ट से कहा कि कोर्ट पूरे केस को फिर से रिकॉल करे। जिस पर कोर्ट ने बचाव पक्ष की अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि डिप्रेशन के आधार पर अमर मणि त्रिपाठी को पेशी से छूट नहीं दी जा सकती। उन्हें हर हाल में कोर्ट में हाजिर ही होना पड़ेगा।

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