बस्ती में फूटा कोरोना बम, एक ही दिन में 7 नए पॉज़िटिव केस मिलने के बाद ऑरेंज से रेड ज़ोन में आया ज़िला

अब तक 31 लोग पॉज़िटिव पाए गए, जिनमें से एक की मौत हुई और 11 ठीक हो चुके।

यूपी का सबसे कम उम्र का कोरोना पॉज़िटिव, तीन माह का मासूम भी हो चुका है स्वस्थ।

बस्ती. ऑरेंज ज़ोन में शामिल यूपी के बस्ती ज़िले में कोरोना बम फूटा है। यहां महाराष्ट्र से आए सात मज़दूरों के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने से हड़कंप मच गया है। इनमें से पांच बस्ती के जबकि दो संत कबीर नगर के रहने वाले हैं। सभी की रिपोर्ट पॉज़िटिव आने के बाद उन्हें इलाज के लिए एल-1 कोरोना अस्पताल 'मुंडेरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र' में भर्ती करा दिया गया है। इसके अलावा उनके साथ क्वारंटीन किए गए सभी लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और वहां सेनेटाईजेशन कराया जा रहा है।

 

महाराष्ट्र से पैदल, सायकिल, ट्रक और दूसरे सधनों के ज़रिये बस्ती पहुंचे मज़दूरों को वहीं रोककर हरैया में इंटर कॉलेज को क्वारंटीन सेंटर बनाकर वहां क्वारंटीन कर दिये गये हैं। पांच-छह दिन पहले मुंबई से हरैया पहुंचे करीब नौ मज़दूरों को भी यहीं क्वारंटीन किया कर उनका सैंपल जांच के लिये भेज दिया गया था। शनिवार को इनकी रिपोर्ट आई तो सात कोरोना पॉज़िटिव निकले। इसके बाद सेंटर को सेनेटाईज कराया जा रहा है, और वहां रखे गए सभी के सैंपल फिर से जांच के लिए भेजे गए हैं।

 

बस्ती में सात और कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद ज़िला ऑरेंज से रेड ज़ोन में आ गया है। एक दिन पहले तक यहां 15 से कम (10) मरीज़ थे, लेकिन नए मामले आने के बाद अब कुल 17 पॉज़िटिव एक्टिव केस हैं। हालांकि ज़िलाधिकारी ने पैनिक न क्रिएट करने और लोगों से लॉक डाउन का पालन करते हुए घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है। उन्होंने बताया है कि जो लोग पॉज़िटिव पाए हैं उनका अलग अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है।

 

बताते चलें कि बस्ती में फिलहाल मिल्लत नगर, तुरकैया, गीदही, जमेहरा और परता जाफर समेत कुल पांच हॉट स्पॉट बनाए गए हैं। अब तक पांच हज़ार से ज़्यादा लोगों को क्वारंटीन किया जा चुका है, जिनमें से 31 लोग कोरोना पॉज़िटिव पाए गए। इनमें से एक तुरकैया निवासी हसनैन की मौत हो चुकी है, जबकि 13 ठीक हो चुके हैं और 17 लोगों का इलाज चल रहा है। बस्ती में पहला पॉज़िटिव केस हसनैन का आया था, जिसकी गोरखपुर में मौत हुई थी। बाद में उसके परिवार के 15 लोग संक्रमित हुए थे, जिनमें से 11 ठीक हुए। उसका पड़ोसी यूपी का सबसे कम उम्र का मासूम भी संक्रमित हुआ था, जो अब स्वस्थ हो चुका है।

By Satish Srivastava

coronavirus
रफतउद्दीन फरीद
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