खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही घाघरा नदी, दहशत में ग्रामीण

खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही घाघरा नदी, दहशत में ग्रामीण
Ghaghra river

बाघानाला, भरथापुर, रानीपुर व कठवनियां में सबसे ज्यादा कटान

बस्ती. घाघरा नदी चेतावनी बिदु पार कर खतरे के निशान को छूने के करीब पहुंचने वाली है। वहीं नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। पानी का स्तर अगर और बढ़ा तो ग्रामीणों को अपना आशियाना छोड़ने को मजबूर होना पड़ेगा। विकास खंड के आधा दर्जन गांवों में भीषण कटान जारी है। बाघानाला, रानीपुर कठवनियां, भदोई, फूलडीह, सहजौरा पाठक, कल्यानपुर, भरथापुर गांव की अब तक पचासों एकड़ उपजाऊ भूमि नदी की धारा में विलीन हो चुकी है। सबसे ज्यादा कटान बाघानाला, भरथापुर, रानीपुर व कठवनियां में हो रही है, यदि कटान का यही क्रम जारी रहा तो जल्द नदी घरों को कटान शुरू कर देगी।


बाढ़ खंड कटान रोकने के लिये सीमेंट की बोरियों में ईट भरकर नदी में डाल कोशिश कर रहे हैं पर नदी की रफ्तार थमने का नाम नही ले रहा है। बाढ़ खंड के कार्यों का जायजा लेने के लिए अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड डी.के. त्रिपाठी कल्यानपुर पहुंचे। जहां उन्होने कटान क्षेत्र कल्यानपुर, भरथापुर और बाघानाला का निरीक्षण किया। अधिकारी को देख ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और गांव को बचाने की मिन्नतें करने लगे और बचाव कार्य ईट से न करके बोल्डर से कराने की मांग करने लगे।


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घाघरा एक सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार को अयोध्या में नदी जलस्तर 92.190 पर पहुंच गया। जो खतरे के निशान पर 92.730 से 54 सेमी नीचे है जबकि एल्गिन ब्रिज पर जल स्तर 106.01 पर पहुंच गया। यहां खतरे का निशान 106.07 जो के खतरे के निशान से मात्र 6 सेमी नीचे है।
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