प्रिसिंपल ने कटवा दिये लाखों के पेड़, वन विभाग ने साधी चुप्पी

मामला लालगंज थाना क्षेत्र के कुदरहा ब्लॉक अन्तर्गत पूर्व मा.वि.चौबाह का है ।

By: Akhilesh Tripathi

Updated: 12 Nov 2017, 11:16 AM IST

बस्ती. प्राईमरी स्कूल के प्रधानाध्यपक ने हरे पेड़ को काटकर बेचने के बाद पैसे का गबन कर लिया। मामले में विभाग की संलिप्तता भी साफ नजर आ रही है, क्यों कि विभागीय अधिकारी से जब इस संबंध में बात किया गया, तो उनका जबाव टालमटोल तक ही सीमित नजर आया।

 

परिषदीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौबाह के प्राचार्य पर हरे पेड़ को काटकर बेचने का आरोप लगा है। प्रधानाध्यापक ने अपने गैर जिम्मेदाराना रवैये का परिचय देते हुये विद्यालय परिसर से लाखों की बेशकीमती पेड़ों को अवैध तरीके से कटवा कर बेंच डाला। मामला लालगंज थाना क्षेत्र के कुदरहा ब्लॉक अन्तर्गत पूर्व मा.वि.चौबाह का है। बताया जा रहा है कि प्रधानाध्यापक द्वारा बेचे गये पेड़ की कीमत लाखो रूपयें की है।

 

बता दें कि वन विभाग को छोडकर शिक्षा विभाग को पेड़ कटवाने व बेचने का अधिकार ही नहीं है। लेकिन प्रधानाध्यापक ने विद्यालय के प्रतिबंधित प्रजाति के बेशकीमती और विशाल वृक्षों को बेचकर जो मनमानी और गैर जिम्मेदाराना रवैये का परिचय दिया है वह निन्दनीय है।

 

घटना के तीन सप्ताह बीत जाने के बाद जिम्मेदार जिस तरीके से मूकदर्शक की मुद्रा में हैं और उससे केन्द्र और प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त अभियान की पोल खुल रही है। अधिकारी मामले में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करने के बजाय मामले पर लीपापोती करने से भी गुरेज नहीं करते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री योगी जी भ्रष्टाचार रोकने के लिये हर सम्भव प्रयासरत हैं। लेकिन जो अधिकारी भ्रष्टाचार की बहती गंगोत्री में गोता लगा चुके हैं, वे अब भी बदलने को तैयार नहीं है।

 

 

देखना यह है कि सरकारी मशीनरी मामले में कोई कार्रवाई कर पायेगी या नहीं यह अभी वक्त के गर्त में है, जबकि जनमानस को गुमराह करने के लिये प्रधानाध्यापक ने मामले में एक पत्र भी जारी किया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है उनके जवाब से लगता है कि अब उनके द्वारा मामले की जांच कराकर लीपापोती नहीं की जायेगी।

 

BY- SATISH SRIVASTAVA

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