आखिर मासूमों की हत्या की घिनौनी साजिश कौन कर रहा है

आखिर मासूमों की हत्या की घिनौनी साजिश कौन कर रहा है
murder

जिलाधिकारी ने शब को कब्र से निकलवाकर दिया जांच का आदेश 

बस्ती. अठ्ठारह दिन पहले 10 साल के अंश की लाश को जब परिवार वालो ने कब्र में दफन किया था तो उन्हे यह अंदेशा नहीं था कि अंश को इंसाफ के लिये मरने के बाद भी सरकारी मशीनरी का शिकार होना पड़ेगा। 8 मई को अंश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई और परिजन उसके शव को दफन कर दिये। कुछ दिन बीते ही थे कि परिजनो को पता चला कि उनके जिगर के टुकड़े की स्वाभाविक मौत नहीं बल्कि हत्या की की गई। इसलिये अंश के परिवार के लोग बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिये एक पत्र डीएम को लिखा । 



जी हां अंश की 8 मई की शाम को खेलकर घर आया ही था कि अचानक उसकी तबियत खराब हो गई, परिजनो ने उसे एक निजी अस्पताल मे दिखाया मगर डाक्टरो द्वारा वहाँ से रेफर किए जाने पर जिला चिकित्सालय के आईसीयू मे भर्ती कराया जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने उसके शव को लाकर दफन कर दिया था,, उसके बाद उन्हे शक हुआ कि बच्चे की मौत जहर से हुई है क्योंकि 4 फरवरी को ही उसके छोटे भाई पाँच वर्षीय आदर्श की मौत भी बिल्कुल इसी तरह से हुई थी,, तीन महीने में ही एक ही तरह से हुई दूसरे बच्चे की मौत पर परिजनों को किसी गहरी साजिश की आशंका लगी। 




जिलाधिकारी अरविन्द कुमार सिंह के आदेश पर पुलिस और प्रशासन की टीम की उपस्थिति मे कब्र की खुदाई कर शव को निकाला गया और उसका पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया गया। उन्होने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर शव का पोस्टमार्टम कराए जाने की इच्छा व्यक्त की जिस पर जिलाधिकारी के आदेश पर नायब तहसीलदार अमरचन्द परिजनों की उपस्थित मे कब्र खोदकर शव को बाहर निकालवाया और पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पीएम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही करेगी।

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