अस्तित्व की जंग लड़ रहा बस्ती का पर्यटक स्थल वन विहार

अस्तित्व की जंग लड़ रहा बस्ती का पर्यटक स्थल वन विहार
Saint ravidas Van Vihar

रख-रखाव व सौंदर्यीकरण पर सरकार ने नहीं दिया ध्यान

बस्ती. शहर से सटे जंगल के बीच बना पिकनिक स्थल संत रविदास वन विहार अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। टूटे झूले, बंद एक्वेरियम, झाड़- झंखाड़ से पटा पार्क यहां आने वाले लोगों को मुंह चिढ़ा रहा है। विभाग ने भी इसके रख रखाव व सौंदर्यीकरण पर कोई ध्यान नहीं दिया। शहर की भागमभाग जिंदगी से निकल कर कुछ पल प्रकृति की गोद में बिताने का यह कभी सबसे महत्वपूर्ण स्थल हुआ करता था।


अब यह वन विहार आगंतुकों के लिए तरस रहा है। कभी-कभार इक्का- दुक्का लोग ही यहां नजर आते हैं। पार्क के भीतर ईंट की सड़क पर काई जम चुकी है। पीने के लिए पानी का भी इंतजाम नहीं है। पार्क में प्रवेश के लिए टिकट तो अब भी लगता है लेकिन जो एक बार टिकट अंदर लेकर जाता है वह व्यवस्था को कोसते हुए बाहर का रास्ता पकड़ लेता है।


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डुमरियागंज के सांसद जगदम्बिका पाल के प्रयास से वर्ष 1988 में संत रविदास वन विहार की स्थापना हुई थी। शुरुआती दौर में जनपद के लोगों का यह सबसे पसंदीदा स्थल हुआ करता था। उस समय यहां मिनी जू, क्रोकोडायल पांड, वाच टॉवर तो बनाया ही गया था। साथ ही नौकायन के लिए पैडलबोट की भी व्यवस्था की गई थी। तालाबों में पैडलबोट चलाकर लोग नौकायन का मजा लेते थे। तालाब में मछली पालन शुरू कर दिया गया था। वो भी कुछ दिन बाद ही बंद हो गया। अब तालाब सूख गए हैं और पैडलबोट का पता नहीं है। मिनी जू में कभी खरगोश, सांप व हिरन नजर आते थे पर अब केवल उसका ढांचा ही बचा है। अब इसमें कोई जानवर नही दिखते। सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए तार का बाड़ कई जगहों पर टूटा गया है जिससे अराजक तत्वों का आना-जाना लगा रहता है।

रात होते ही फैल हो जाता है अंधेरा
ढाई दशक बीत गए पर अभी तक वन विहार में बिजली की व्यवस्था नहीं हो पाई है। रात होते ही यहां अंधेरा हो जाता है। वैसे तो दिखावे के लिए जिम्मेदारों ने दो सोलर लाइटें लगवाई हैं जिसमें से एक खराब है। रात में देखभाल करने के लिए तैनात कर्मी भी अंधेरे की वजह से परेशान रहते हैं। डीएफओ ने इस बारे मे बताया कि समय समय पर वन विहार के जीर्णोधार के लिये कार्य कराया जाता है, लेकिन बजट न होने के कारण वो विहार मे लगे उपकरण ठीक नही जा सके है जिसके लिये शासन को पत्र लिखकर बजट की मांग की गई है।
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