TEACHERS DAY इस शिक्षक ने दिल्ली -मुंबई के अंग्रेजी स्कूलों को छोड़ा पीछे, पीएम मोदी भी हैं फैन, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

TEACHERS DAY इस शिक्षक ने दिल्ली -मुंबई के अंग्रेजी स्कूलों को छोड़ा पीछे, पीएम मोदी भी हैं फैन, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

Ashish Kumar Shukla | Publish: Sep, 05 2018 03:01:53 PM (IST) Basti, Uttar Pradesh, India

स्कूल में पढ़ाई के साथ ही कौशल विकास पर भी होता है जोर जिले के लोगों की शान हैं सर्वेष्ट

बस्ती. आदर्श प्राथमिक विद्यालय मूड़घाट के प्रधानाध्यापक सर्वेषट को भला कौन नहीं जानता। इनकी मेहनत और शिक्षा को लेकर ऐसी लगन है कि पीएम मोदी भी इनकी तारीफ करने से नहीं बच पाये। इनके हौसले की ही बात है कि शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति के हाथों इन्हे दिल्ली में सम्मानित किया गया। इनकी बड़ी उप्लब्धि सर्वेष्ट को महज 39 वर्ष की अवस्था में मिली है।

बतादें कि आदर्श प्राथमिक विद्यालय मूड़घाट जनपद बस्ती के प्रधानाध्यापक सर्वेष्ट कुमार ने अपने विद्यालय को स्मार्ट स्कूल बना दिया है। तारीफ कि बात ये है कि जनसहयोग से ही इस शिक्षक ने स्कूल में प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, लैपटॉप, टीवी, साउंड सिस्टम, जैसे संसाधनों की व्यवस्था की और उसके सहारे बच्चो को गुणवत्तापरक शिक्षा दे रहे हैं।

स्कूल में ग्रीन, रेड और येलो हाउस

स्कूल के बच्चो और शिक्षको में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित करने और आकर्षक व्यक्तित्व निर्माण के लिए पूरे स्कूल के बच्चों को चार हाउसेज रेड, ग्रीन, ब्लू और येलो में बांटा गया। इन हाउसेज के नाम रानी लक्ष्मी बाई हाउस- रेड, कलाम हाउस-ग्रीन, रमन हाउस- ब्लू और विवेकानंद हाउस- येलो हाउस है। बच्चो में नेतृत्व क्षमता विकसित करने हेतु बाल संसद का गठन भी किया है।

11 से बढ़कर 235 हो गई छात्रों की संख्या

सर्वेष्ट ने जुलाई 2016 में जब इस विद्यालय में कार्यभार ग्रहण किया तो उन्हें केवल 19 बच्चे मिले थे। नामांकन बढ़ाने के लिए उन्होंने लगभग 300 घरो में व्यक्तिगत जनसंपर्क किया और एक माह भीतर ही अगस्त 2016 में 155 छात्र संख्या हो गई। अप्रैल 2017 में संख्या 211 हुई जो अब बढ़कर 235 तक पहुँच चुकी है।

स्कूल को बनाया आकर्षक

उन्होंने विद्यालय भवन की वाल पुट्टी और प्लास्टिक पेंट व आकर्षक वाल राइटिंग से युक्त विद्यालय का आकर्षक भवन व फूल पत्तियों से युक्त परिसर बनाया। सभी बच्चो और स्टाफ के लिए फर्नीचर की व्यवस्था की। सभी कमरो के लिए 9 पंखा, 5 व्हाइट बोर्ड, मॉडल शौचालय, संमर्सिबल पम्प, टीवी, कम्प्यूटर, बॉयोमेट्रिक, मैट, आदि की व्यवस्था की। इसके अलावा समय समय पर बच्चो को स्टेशनरी, कपड़े जूते, स्वेटर, गर्म कपड़े सहित अन्य जरूरते पूरी की।

स्कूल की वेबसाइट, यूट्यूब चैनल भी

सर्वेष्ट ने अपने स्कूल के कार्यो को दूसरों तक पहुँचाने के लिए स्कूल के नाम से वेबसाइट भी बनाई है। इतना ही नहीं स्कूल के बारे में लोगों तक अपनी पहचान बनाने के लिए यूट्यूब चैनल भी क्रिएट कराया। जिसके जरिये बच्चों को कई तरह की जानकारियां यहां मिल जाती है। स्कूल का ट्वीटर अकाउंट भी है। साथ ही साथ फेसबुक पेज भी बनाया गया है।

पढ़ाई के साथ कौशल विकास

इस विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई के साथ ही कौशल विकास पर जोर दिया जाता है। बच्चो को कंप्यूटर, आर्ट क्राफ्ट, इंगलिश स्पीकिंग, व्यक्तित्व निर्माण, सिलाई कढ़ाई जैसे कौशल भी सिखाये जाते हैं। अपने मेहनत और नवाचारी प्रयोगों से स्कूल को नई पहचान दिलाने वाले यहाँ के प्रधानाध्यापक सर्वेष्ट कुमार को उनके कार्यो के लिए कई राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तरीय सम्मान हासिल हो चुके है। हर साल देश के केवल 5 बेहतरीन शिक्षको को मिलने वाला देश का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय लोकमणि लाल अवार्ड 2017 सर्वेष्ट को मिल चुका है।

कई बड़े सम्मान से नवाजे जा चुके हैं सर्वेष्ट

इस शिक्षक को राज्य स्तरीय विज्ञान संचारक सम्मान, प्रो यशपाल सम्मान, रोटरी क्लब के नेशन बिल्डर सम्मान, शिक्षा निदेशक बेसिक द्वारा आईसीटी इनोवेटर्स सम्मान, सिद्दार्थनगर जिला प्रशासन द्वारा प्रदत्त कपिलवस्तु महोत्सव आदर्श शिक्षक सम्मान, इटावा टीचर्स क्लब नवाचारी शिक्षक सम्मान, मिशन शिक्षण संवाद नवाचार शिक्षक सम्मान, मंडल स्तर पर एडी बेसिक द्वारा, जिला स्तरीय जिलाधिकारी, बीएसए और विभिन्न सामाजिक सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा प्रदत्त आदर्श शिक्षक सम्मान, स्व हरिश्चंद्र अग्रवाल सम्मान, राष्ट्र कौशल टाइम्स सम्मान सहित कई सम्मान मिल चुके हैं । अब 5 सितम्बर 2018 को सर्वेष्ट को देश का सर्वोच्च शिक्षक सम्मान राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित किया गया।

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