यूपी में एक और घोटाला उजागर, श्मशान घाट निर्माण के नाम पर करोड़ों का बंदरबांट

यूपी में एक और घोटाला उजागर, श्मशान घाट निर्माण के नाम पर करोड़ों का बंदरबांट
cemetry Construction

सीडीओ ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया भरोसा

बस्ती. सपा सरकार में शुरू हुई घोटालों की परत अब खुलने लगी है। जिले में एक जांच रिपोर्ट के बाद शमशान घाट के नाम पर बड़े भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। शमशान घाट का आधा अधूरा निर्माण करा निर्माण लागत की पूरी रकम खाते से निकालकर बंदरबांट किया गया।


सपा सरकार में कब्रिस्तानों को सुरक्षित करने के लिए चहारदीवारी निर्माण के बाद वर्ष 2015-16 में अंत्येष्टि स्थलों को विकसित करने की योजना तैयार की थी । पहले साल इसकी निर्माण लागत 14 लाख रखी गई। दूसरे साल यानी वर्ष 2016-17 में निर्माण लागत बढ़ाकर सरकार ने 2411640 रुपये कर दिया। तभी से यह पंचायती राज विभाग में यह योजना अफसरों और प्रधानों की सांठगांठ से कमाई का जरिया बन गई। बस्ती जिले में बीते वित्तीय वर्ष में एक दो नहीं
बल्कि 69 अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण को मंजूरी दी गई। इन सभी पर सरकार ने 13.89 करोड़ रूपये खर्च कर दिये। हरेक के निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों के खाते में 24.11 लाख रुपये अवमुक्त किए गए। जहां-तहां इसका आधा अधूरा निर्माण करा निर्माण लागत की पूरी रकम खाते से निकालकर बंदरबांट कर ली गई।


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हैरत वाली बात यह है कि वित्तीय वर्ष बीत जाने के बाद किसी ग्राम पंचायत ने कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र जमा नहीं किया। नई सरकार के तेवरों को देखते हुए बचाव के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी ने सत्यापन को दो सदस्यीय तकनीकी समिति गठित कर दिया है। योजना की पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आने से अब हडकंप मच गया है। सीडीओ ने सभी अंत्येष्टि स्थलों की पडताल कराई गई। एक भी मानक के अनुरूप नहीं बने पाए गए हैं।


बभनान कस्बे में बन रहे शमशान घाट में केवल पिलर खड़े मिले। तिघरा में केवल एक शवदाह गृह बना है वह भी अपूर्ण है। मेंहनौना में प्रस्तावित कार्य के सापेक्ष आधा ही कार्य कराया गया है। यहां तक कि शहर के मुंडघाट में कुछ ऐसा ही पाया गया है।


इन कार्यों को करना था पूरा

पांच मीटर चौड़ा और 12 मीटर लंबा दो शवदाह
आठ मीटर लंबा और 6 मीटर चौड़ा शांति स्थल बैठने के लिए
चार मीटर लंबा और चार मीटर चौड़ा लकडी भंडार गृह
शौचालय एवं स्नान घर
शवदाह स्थल पर इंटरलॉकिंग टाइल्स का निर्माण
तीन मीटर लंबा और 1.2 मीटर चौड़ा चबूतरा
हैंडपंप की व्यवस्था एवं जल निकासी



सीडीओ हर्षिता माथुर ने कहा कि यह सही है अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों को पिछले वित्तीय वर्ष में धन दिए गए थे। 31 मार्च तक सभी कार्य पूरे कर लेने थे। कार्य के सत्यापन और गुणवत्ता परीक्षण के लिए दो सदस्यीय तकनीकी समित गठित की गई है। जिसमें यह सामने आया है कि मात्र दो तीन को छोड़कर एक भी शमशान घाट का काम पुरा नहीं हुआ जब कि उसका भुगतान हो चुका है। इसे लेकर दोषियों की जवाबदेही तैयार कराकर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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