बस्ती जिला जेल में सांप ने तीन बंदियों को डसा, सपेरों को बुलाकर चार जहरीले नाग को पकड़वाया गया

बस्ती जिला जेल में सांप ने तीन बंदियों को डसा, सपेरों को बुलाकर चार जहरीले नाग को पकड़वाया गया
बस्ती जिला जेल से सांप ने तीन बंदियों को डसा, सपेरों को बुलाकर चार जहरीले नाग को पकड़वाया गया

Ashish Kumar Shukla | Updated: 13 Aug 2019, 07:32:58 PM (IST) Basti, Basti, Uttar Pradesh, India

एक बंदी की इलाज के दौरान मौत भी हो गई

बस्ती. जेल के अंदर कैदियों को दुश्मनों से नहीं सांपों से डर हो गया है। जेल प्रशासन ने जिला जेल के भीतर से तीन जहरीले सांप को पकड़वाया है। एक सप्ताह में सांप ने तीन बंदियों को डस लिया है। जिसमें एक की मौत भी हो चुकी है। आधा दर्जन सपेरों ने तीन घंटे तक बीन बजाकर इन जहरीले सांपों को पकड़े में सफलता पाई ।

जेल प्रशासन को इस बात की जानकारी मिली की जेल के भीतर कई जहरीले सांप हैं जो बंदियों को कभी न कभी दिख जाते हैं। पहले तो प्रशासन ने इनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन जब एक सप्ताह के भीतर ही तीन को सांपों ने डस लिया तो हड़कंप मच गया। दो तो दवा से ठीक हो गये लेकिन एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एकजुट होकर बंदियों ने जेलर ये इस समस्या के बारे में बताया और कहा कि उन्हे सांपों से जान का खतरा है।

आखिरकार जेल प्रशासन ने सोमवार की दोपहर आधा दर्जन सपेरों को बुलाया। पूरी तैयारी के साथ सपेरे जेल के भीतर गये। बंदियों को जेल के अलग बैरकों में शिफ्ट किया गया। बीन की धुन पर तकरीबन तीन घंटे सांप और सपेरों के बीच में नुराकुश्ती चलती रहती। आखिरकार तीन बजे के बाद सांप मस्त होकर खुद सपेरों के पास फटकने लगे। साथ लाये प्लास्टिक की बोरियों में काले-काले सांपों को भर लिया गया। सपेरे ने चारों को पकड़ कर अपनी पोटली में डाल लिया और उनको कारागार से बाहर ले आए।

जेलर सतीश चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक एक पखवारे के भीतर तीन बंदियों को सर्पदंश का शिकार होना पड़ा। जिसमें से एक कैदी की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो चुकी है। एक बंदी को सर्पदंश के बाद जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया। एक अन्य बंदी सर्पदंश का शिकार हुआ था उसका इलाज जेल हास्पिटल में कराया जा चुका है। सर्पदंश की जेल के भीतर हो रही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने आधा दर्जन सपेरों को बुलाया था। जेल से चार जहरीले सांपों को पकड़े जाने के बाद बंदियों और जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।

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