पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री समेत 18 लोगों से पुलिस लगाकर खाली कराए गए जिला पंचायत आवास

  • सांसद ने प्रशासन पर लगाया दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप
  • कहा बैकडेट में आवंटन निरस्त कर की गई कार्रवाई

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

बस्ती. पंचायत चुनाव से ठीक पहले प्रशासन ने लंबे समय से जिला पंचायत आवासों में रह रहे नेताओंं से पुलिस लगाकर आवास खाली करा लिये। जिन नेताओंं से आवास खाली कराए गए हैं उनमें पूर्व सांसद लालमणि प्रसाद और पूर्व मंत्री रामकरन आर्या भी शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि ये कार्रवाई नियम कानून के दायरे में रहकर की गई है। जबकि दूसरी ओर नेताओंं ने प्रशासन पर दोहरा मापदंड अपनाने और उनके पक्ष को नजर अंदाज कर जबरन मकान खाली कराने का आरोप लगाया है।


विकास भवन के नजदीक बने जिला पंचायत के आवास में पूर्व सांसद लालमणि प्रसाद सबसे अधिक समय 26 साल से रह रहे थे। उनके अलावा पूर्व मंत्री रामकरन आर्या समेत कुल 18 लोग भी काफी लंबे समय से आवासों में रह रहे थे, जिनमें से अधिकतन नेता हैं या राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले लोग हैं। अधिकारियों की मानें ताे एक साल पहले इन सबको आवास खाली करने का नोटिस दिया गया था। उसके बाद जिला पंचायत की ओर से कई बार मकान खाली कराने की चेतावनी देने पर भी इन लोगों ने उसे नजर अंदाज किया। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर जिला पंचायत अधिकारी अपनी टीम के साथ भारी पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे और आवास को खाली करा दिया।


उधर प्रशासन की कार्रवाई से नाराज पूर्व सांसद का कहना है कि वह जिस आवास में रह रहे थे उसका अनुबंध जुलाई 2021 तक है। जनवरी 2021 तक का किराया भी जमा है। बीते 11 फरवरी को उन्होंने जिलाधिकारी से मिलकर मामले को यथावत बने रहने देने का अनुरोध भी किया था, बावजूद इसके 12 फरवरी को उन्हें आवास खाली करने का निर्देश भी दिया गया। उनका आरोप है कि बैक डेट में 10 फरवरी को उनका आवंटन निरस्त कर दिया गया। ऐसे में उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।


उधर प्रशासन का कहना है कि शासन के निर्देश पर ही आवास खाली कराए गए हैं। अब तक कुल 18 आवास खाली कराए जा चुके हैं। इनमें किसी प्रकार का कोई भेदभााव नहीं किया गया है।

By Satish Srivastava

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रफतउद्दीन फरीद
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