बालों के झड़ने का कारण, उपचार और घरेलू उपाय, यहां पढ़ें

बालों की मजबूती के लिए दाल, सोयाबीन, पनीर, दूध अधिक लें। गर्भवती में खून की कमी से बाल झडऩे लगते हैं।

बाल चमकदार, मजबूत और सुलझे हुए हैं तो इन्हें हैल्दी हेयर कहते हैं। लेकिन इन दिनों बालों का झडऩा या सफेद होना गंभीर समस्या बन गई है। शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी के कारण बाल कमजोर होकर टूटते हैं। बालों में कलरिंग के साथ उनको अच्छा लुक देने के लिए मशीनों का प्रयोग भी वजह है। तनाव से शरीर के तापमान में असंतुलन से बाल सफेद हो जाते हैं। पेश है पत्रिका टीवी के ‘हैलो डॉक्टर’ कार्यक्रम में बालों की समस्या पर विशेषज्ञों द्वारा की गई चर्चा के अंश-

अपनाएं घरेलू नुस्खे
बालों की मजबूती हड्डियों की मजबूती पर निर्भर करती है। कई बार लोग सुबह सोकर उठते हैं तो बालों को तेजी से रगड़ते हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से काफी बाल टूटकर गिर जाते हैं। भोजन में कैल्शियम व प्रोटीन के साथ देसी-घी, हरी सब्जियां, गाजर, लौकी, पालक अधिक खाएं। अणु तेल या गाय के घी की ऊपरी परत की दो-दो बूंद नाक में डालनी चाहिए। आयुर्वेदिक तेल भृंगराज या अन्य तेल को गुनगुना कर सिर की मसाज करने से भी लाभ होता है।

ऐसे रोकें बालों का झडऩा
बालों की मजबूती के लिए भोजन में दाल, सोयाबीन, पनीर, दूध अधिक लें। गर्भवती में खून की कमी न हो इसका पूरा खयाल रखें क्योंकि इससे बाल झडऩे लगते हैं। गंजेपन का आखिरी इलाज हेयर ट्रांसप्लांट है जिसमें सिर के पिछले व निचले भाग से बाल निकालकर प्रभावित हिस्स पर लगा देते हैं। बाल की बाहरी परत को क्यूटिकल कहते हैं जो मशीन के प्रयोग से डैमेज हो जाती है। इसलिए स्टे्रटनर आदि का प्रयोग कम करें।

ये हैं कारण
गंजापन, बालों के झडऩे या सफेद होने के कई अन्य कारण भी हैं। वजन कम करने के लिए अचानक से क्रैश डाइटिंग फॉलो करने से शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी हो जाती है। इसके अलावा धूम्रपान, थायरॉइड डिसऑर्डर (असंतुलन), बुखार, लगातार सर्दी-जुकाम रहने से भी बाल टूटते या सफेद होते हैं। डैंड्रफ से भी बाल टूटते हैं। इसके लिए एंटी फंगल क्रीम या शैंपू का इस्तेमाल फायदेमंद होता है।

घबराएं नहीं : एक दिन में करीब सौ बाल झड़ रहे हैं तो घबराएं नहीं। ये वे बाल हैं जिनकी उम्र पूरी हो चुकी है व जिनके टूटने के बाद उनकी जगह नए बाल आएंगे। अगर सौ से अधिक बाल रोजाना झड़ रहे हैं तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लें। बालों की मजबूती के लिए इनकी जड़ों को पोषण मिलना जरूरी है। इसके लिए खानपान के अलावा तेल मालिश जरूरी है। हेयर वॉश से पहले तेल मालिश करें। 25 साल की उम्र से पहले बाल सफेद होने लगें तो यह रोग का संकेत हो सकता है, विशेषज्ञ को दिखाएं।

‘हैलो डॉक्टर’ विशेषज:

डॉ. अंकिता श्रीवास्तव, हेयर एक्सपर्ट, जयपुर नेशनल मेडिकल कॉलेज
डॉ. कृतिका जितेंद्र जोशी, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान

Show More
पवन राणा
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned