स्कूल के पूर्व छात्र रहे भामाशाह ने किया सहयोग तो बदल गए हालात

पटेल स्कूल में जिर्णोद्धार का काम पूरा, जर्जर दीवारें व टूटी खिड़कियां हुई दुरस्त, भामाशाह का किया स्वागत

ब्यावर. राजकीय पटेल उच्च माध्यमिक विद्यालय (PATEL SCHOOL) में जर्जर दीवारे व टूटी खिड़कियों को दुरस्त कर दिया गया। यह सम्भव हुआ एक भामाशाह की ओर से दिए गए आर्थिक सहयोग की बदोलत। पांच लाख रुपए की लागत से निर्माण कार्य पूरा होने पर एक समारोह आयोजित किया गया , जिसमें स्कूल के पूर्व छात्र रहे भामाशाह घनश्याम सोनी का स्वागत किया गया।

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संस्था प्रधान राजेश जिन्दल ने बताया कि मेलबोर्न आस्ट्रेलिया में रह रहे पूर्व छात्र घनश्याम सोनी दो साल पहले स्कूल आए और यहां की स्थिति देखकर उन्होंने दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी। इसके बाद मुख्यमंत्री जन सहभागिता योजना में साठ प्रतिषत अंशदान प्राप्त करने के लिए संबधित विभाग को प्रकरण प्रेषित किया। एक साल में अंशदान प्राप्त होने के बाद पांच लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। इस राशि से विद्यालय के मुख्य द्वार से चंपानगर गली की ओर चूने के प्लास्टर के स्थान पर सीमेंट का प्लास्टर कराकर जर्जर दीवारों को दुरस्त किया। सोलह कक्षा कक्षों के लकड़ी की जर्जर हो चुकी खिड़कियों के पल्ले व वेंटीलेटर नए लगाए। साथ ही सीवरेज टैक का निर्माण व फर्श निर्माण कराया गया।

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सोनी के ब्यावर आने पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सोहनलाल मेवाड़ा थे। अध्यक्षता नगरपरिषद आयुक्त राजेन्द्र सिंह चांदावत ने की। सोनी ने घोषणा की कि पटेल स्कूल (PATEL SCHOOL) के प्रतिवर्ष सीनियर सैकण्डरी विज्ञान संकाय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को 21 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में व्याख्याता रोहित जैन, बालूराम सेन, प्रथम पारी प्रभारी राजेन्द्र प्रजापति ने भी सम्बोधित किया। प्रधानाचार्य राजेश जिन्दल ने आभार जताया। संचालन गुरुशरण गोयल ने किया।

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sunil jain
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