55 साल बाद आया टिड्डी दल

ब्यावर क्षेत्र में इससे पहले 1965 में नजर आया था टिड्डी दल : टिड्डी ने कपास सहित अन्य फसलों का पहुंचाया नुकसान, पहाड़ी क्षेत्र होने से हो गया बचाव

By: Bhagwat

Published: 14 May 2020, 01:48 PM IST

ब्यावर. मगरा क्षेत्र में आदी सदी में कभी भी टिड्डी दल का हमला नहीं हुआ। करीब 55 साल बाद इस क्षेत्र में टिड्डी दल ने हमला किया है। इससे पहले वर्ष 1965 में टिड्ड़ी दल इस क्षेत्र में देखा गया था। काश्तकारों की माने तो पहाडी क्षेत्र होने एवं फसल कम होने के कारण इस ओर टिड्डी दल नहीं आते है। मगरा क्षेत्र मारवाड से जुडा हुआ है। टिड्डी दल समतल क्षेत्र में ज्यादा आते है। इसके पीछे कारण है कि उन्हें उन क्षेत्र में खाने को फसलें मिल जाती है। इसके अलावा अंडे देने के लिए भी अनुकू  ल जगह मिल जाती है। इस कारण से यह टिड्डी दल पहाडी क्षेत्र में नजर नहीं आता है। रविवार को इन टिड्डी दल के इस क्षेत्र में आने के पीछे अंधड़ को कारण माना जा रहा है। अंधड़ के साथ यह टिड्डी दल इस क्षेत्र में पहुंच गया। टिड्डी दल हवा के बहाव क्षेत्र की दिशा में ही चलता है।

पचास साल में नहीं देखा टिड्डी दल

भाजपा नेता भंवरलाल बूला ने बताया कि पचास साल की उम्र में कभी टिड्डी दल को इस क्षेत्र में नहीं देखा। यह पहली बार है कि उन्होंने टिड्डी दल को देखा। यह तो गनीमत रही कि इसने पहाडी क्षेत्र में प्रवेश कर लिया। मैदानी व फसलों वाले क्षेत्र में होता तो खासा नुकसान होता।

1965 में आया था टिड्डी दल

ब्यावर खास के सरपंच हरकरण चौधरी ने बताया कि इससे पहले 1965 में टिड्डी दल इस क्षेत्र में आया था। उस समय इस टिड्डी दल ने फसलों को खासा नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद वापस इस क्षेत्र में कभी भी टिड्डी दल देखा गया। रविवार शाम को यह टिड्डी दल ब्यावरखास सहित आस-पास होता हुआ फतेहगढ़ सल्ला की पहाडियों में पहुंचा। इस टिड्डी दल ने कपास सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाया है।

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