नगर परिषद व अस्पताल के फेर में जन्म प्रमाण पत्र

जन्म प्रमाण पत्र का मामला : अस्पताल से ऑनलाइन इन्द्राज होने वाली जानकारियों में आ रही खामियां सामने, प्रमाण पत्र में कमियों को दुरुस्त करवाने माता-पिता मासूम को लेकर काट रहे चक्कर, नगर परिषद ने अस्पताल प्रशासन को लिखा पत्र

By: Bhagwat

Published: 30 Sep 2020, 10:10 PM IST

ब्यावर. बच्चे का जन्म होते ही अस्पताल से उसकी जानकारी नगर परिषद को ऑनलाइन जानकारी भिजवाई जाती है। ताकि बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र समय पर उनके माता-पिता को मिल सके। ऑनलाइन जो जानकारी इन्द्राज की जा रही है। इसमें नाम सहित अन्य गलतियां सामने आ रही है। इन गलतियों को दुरुस्त करवाने के लिए बच्चों के माता-पिता को अस्पताल व नगर परिषद के बीच चक्कर काटने पड़ रहे है। गलतियों का आंकड़ा बढऩे पर अब नगर परिषद प्रशासन ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर जन्म प्रमाण पत्र में परिवर्तन के लिए संशोधन पत्र भिजवाने की मांग की है। जबकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस मामले में नगर परिषद एवं अस्पताल की संबंधित शाखा के कर्मचारियों की संयुक्त बैठक कर समस्या का निराकरण करवाया जाएगा। ताकि लंबित प्रकरणों का समय पर निस्तारण हो सके। नगर परिषद की ओर से अस्पताल पीएमओ को लिखे पत्र में बताया कि चिकित्सालय के कम्प्यूटर ऑपरेटर को मौखिक एवं लिखित शिकायत के बावजूद आमजन को परेशान किया जा रहा है। ऑपरेटर की ओर से प्रविष्टियां दर्ज करते समय बच्चे के माता-पिता का नाम, जेंडर एवं जन्म दिनांक में सही जानकारी इंद्राज नहीं की जा रही है। इससे जन्म प्रमाण पत्र में यह गलत जानकारियां अंकित हो जाती है। इसमें संशोधन करवाने के लिए आवेदकों को आना पड़ता है। ऐसे में अस्पताल से सही जानकारी को लेकर संशोधन पत्र मंगवाया जाता है। इस पर अस्पताल के संबंधित शाखा की ओर से नगर परिषद के संबंधित अनुभाग से ही दुरुस्त करने को कहा जाता है।

इसलिए होती है परेशानी

नगर परिषद ने अस्पताल प्रशासन को लिखे पत्र में बताया कि जन्म तारीक, जेंडर एवं माता-पिता के नाम में यदि कम्प्यूटर ऑपरेटर की ओर से गलती की जाती है तो उक्त संशोधन के लिए अस्पताल से जारी संशोधन पत्र के आधार पर सांख्यिकी विभाग को अनुरोध भेजा जाता है। जिस पर कार्रवाई करते हुए सांख्यिकी विभाग की ओर से अनुमति दी जाती है।

लाडो हो गई छह माह की नहीं हो सका संशोधन

मसूदा क्षेत्र के गोवलिया गांव निवासी सुरेश काठात ने दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गत 26 दिसम्बर को अमृतकौर चिकित्सालय में सलमा के कन्या का जन्म हुआ। इसमें शिशु की माता का नाम गलत इंद्राज कर दिया गया। इस गलती को दुरुस्त करवाने के लिए पिछले छह माह से माता पिता नगर परिषद एवं अस्पताल के चक्कर काट रहे है। यह गलती दुरुस्त नहीं हो पा रही है। उन्हें अस्पताल एवं नगर परिषद के बीच चक्कर काटने पड़ रहे है।

इनका कहना है...

जन्म प्रमाण पत्र में गलती रहने के मामले सामने आ रहे है। इसको लेकर अस्पताल की संबंधित शाखा के ऑपरेटर एवं नगर परिषद के संबंधित शाखा के ऑपरेटर के बीच बैठक कर समस्या का स्थायी निदान किया जाएगा। ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

-डॉ. आलोक श्रीवास्तव, पीएमओ, अमृतकौर चिकित्सालय

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