नगर परिषद खुद मान रही रिकार्ड संधारित नहीं...

सूचना का अधिकार : मिलने पर सूचना एवं नकले उपलब्ध करवाने जैसे जवाब मिल रहे आवेदकों को

By: Bhagwat

Updated: 28 Nov 2020, 09:02 PM IST

ब्यावर. नगर परिषद खुद ही मान रही है कि उनके कार्यालय का पूरा रिकार्ड संधारित नहीं है। रिकार्ड संधारित नहीं होने के कारण सूचना दिया जाना संभव नहीं है। जब रिकार्ड संधारित हो जाएगा, तब सूचना या नकले दे दी जाएगी। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचना में नगर परिषद खुद यह मान रही है कि नजूल शाखा का रिकार्ड संधारित नहीं है। गौरव चौरोटिया ने सूचना के अधिकार के तहत नगर परिषद की ओर से जमीन आवंटन के मामले में आवेदन पत्र की प्रति, लॉटरी सूची, फेसेलिटी एरिया की सूचना सहित जानकारी मांगी गई। इसके तहत कुछ सूचना तो उपलब्ध करवाा दी। जबकि शेष सूचना के लिए रिकार्ड संधारित नहीं होने का कारण बताते सुचना देने में असमर्थता जता दी। इसमें यह तक कह दिया गया कि मिलने पर सूचना व नकले उपलब्ध करवा दी जाएगी। जबकि प्रथम अपील करने पर बताया कि आठ आवेदको के आवेदन ही प्राप्त नहीं हुए है। आवक क्रमांक देने में आनाकानी...राजकीय कार्यालय में किसी भी प्रकार की सूचना लेने या शिकायत देने पर आवक क्रमांक अंकित किए जाने का प्रावधान है। इसके बावजूद नगर परिषद सहित अन्य कार्यालयों में आवेदकों को आवक क्रमांक नहीं दिए जा रहे है। जबकि राजकीय कार्यालय में आने वाले हर पत्र का आवक क्रमांक अंकित किया जाना चाहिए।

बीपीएल से शुल्क की मांग...?

सूचना के अधिकार के तहत बीपीएल आवेदक को नि:शुल्क सूचना दिए जाने का प्रावधान है। इसके बावजूद ऐसे मामले भी सामने आए है। जिनमें बीपीएल आवेदको से भी शुल्क मांग लिया गया। जबकि तीस दिन में सूचना दिए जाने का प्रावधान है। अगर तीस दिन में सूचना नहीं दी जाती है तो तीस दिन के बाद नि:शुल्क सूचना दिए जाने का प्रावधान है। जबकि अधिकांश मामलों में तीस दिन के बाद ही सूचना दी जा रही है। इससे नगर परिषद या अन्य कार्यालय को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। इतना ही नहीं तीस दिन में सूचना देने का प्रावधान होने के बावजूद आवेदक को तीसवें दिन राशि जमा करवाने का सूचना दी जाती है।

यह है प्रावधान

धारा 7 की उप धारा 1 के अधीन सूचना के लिए विनिर्दिष्ट समय के भीतर सूचना नहीं दी है या असदभाव पूर्वक सूचना के लिए अनुरोध से इनकार किया है या जानबूझकर गलत अपूर्ण या भ्रामक सूचना दी है, या उस सूचना को नष्ट कर दिया है जो अनुरोध का विषय थी या किसी रीती से सूचना देने में बाधा डाली है तो ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जब से आवेदन प्राप्त किया जाता है या सूचना दी जाती है 250 प्रति रुपए की शास्ति आरोपित करेगा तथापि एसी शास्ति की कुल रकम 25000 प्रति रुपए से अधिक नहीं होगी। यह प्रावधान किया हुआ है। इसके अलावा रिकार्ड को संधारित रखना भी प्रत्येक लोक अधिकारी के कार्यक्षेत्र में शामिल है।

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