शुद्धता की कसौटी पर परखेंगे, फिर पिलाएंगे पौधों को पानी

अमृतकौर चिकित्सालय : सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट का मामला, काम हुआ पुरा, लाइने बिछी, अब शुद्ध होने वाली पानी की गुणवता की रिपोर्ट का इंतजार, फिर पौधों को मिल सकेगा पूरा पानी, नया बगीचा भी कर सकेंगे विकसित

By: Bhagwat

Updated: 11 Jan 2021, 10:47 AM IST

ब्यावर. राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में करीब एक करोड़ की लागत से हो रहे सीवरेज लाइन डालने व ट्रीटमेंट प्लान्ट के काम पूरा हो गया है। अब एसटीपी की पानी शुद्धता की रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। इसके बाद ही इसका विधिवत काम शुरु हो सकेगा। पानी की शुद्धता के रिपोर्ट आने के बाद ही एसटीपी के पानी का उपयोग बगीचे के लिए किया जाएगा। अब तक निर्माण एजेंसी की ओर से पानी की शुद्धता को लेकर रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन को नहीं दी गई है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष जुलाई 2018 में अमृतकौर चिकित्सालय में सीवरेज लाइन डालने व ट्रीटमेन्ट प्लान्ट के लिए दो अलग अलग कार्यादेश जारी किए गए। 46 लाख की लागत से सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट व 52 लाख की लागत से लाइन डालने का काम था। लाइन डालने का काम तो निर्धारित समयावधि में पूरा कर लिया गया। लेकिन प्लान्ट निर्माण का काम नियत समय पर पूरा नहीं हो सका। यह काम जनवरी 2019 में पूरा होना था लेकिन इस काम को पूरा होने में करीब एक साल की देरी हुई। अब यह काम पूरा हो चुका है। एसटीपी का काम पूरा होने के बाद निर्माण एजेंसी ने अस्पताल प्रशासन को इसको हस्तातंरित करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। एसटीपी में ट्रीट होने वाले पानी की रिपोर्ट आनी शेष है। इसके बाद इसका उपयोग शुरु हो जाएगा। इस परेशानी से मिलेगी निजातअमृतकौर चिकित्सालय की स्थापना के समय सीवरेज लाइन डाली गई थी। लेकिन समय के साथ बढ़ते गए वार्ड व शोचालयों का दबाव यह लाइन सहन नहीं कर सकी और अधिकांश जगहों से चॉक हो चुकी है। ऐसे में गंदा पानी लीकेज हो रहा है। इससे मरीज व उनके परिजनों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। नई लाइन व एसटीपी निर्माण होने के बाद इस परेशानी से राहत मिल सकेगी। यह होगा लाभअस्पताल परिसर में ट्रीटमेंट प्लांट का पर्याप्त पानी मिलने से वाटिका व पोधों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। अस्पताल के वार्डो के पीछे बगीचा बना रखा है। अब इन्हें पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इसके अलावा अस्पताल परिसर में अन्य स्थानों पर भी घास व पौधे लगाकर विकसित कर सकेंगे। गौरतलब है कि अमृतकौर चिकित्सालय के मुख्य भवन के सामने पूर्व में पौधे व घास लगा रखी थी। जो अनदेखी के चलते बदहाल हो गई। हाल में यहां पर पार्किग हो रही है। अस्पताल परिसर में पर्याप्त जगह है। जहां पर वाटिका विकसित की जा सकती है। जहां पर मरीजों के परिजनों के खुले में बैठने की स्वच्छ व सुंदर स्थान तैयार हो सकेगा।

इनका कहना है...

सीवरेज लाइन डालने एवं ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा हो चुका है। ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीट होने वाले पानी की रिपोर्ट आनी शेष है। जल्द ही यह रिपोर्ट मिलने के बाद एसटीपी विधिवत काम करना शुरु कर देगा।

-सिद्धांत शर्मा, अमृतकौर चिकित्सालय

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned