पुलिस से हुआ सामना, की फायरिंग

-पुलिस पर फायरिंग कर भागने वाले आरोपितों को पकडऩे पुलिस ने कसा शिकंजा, अलग-अलग स्थानों पर की नाकाबंदी, जिले की सीमाओं को जोडऩे वाली हर मार्ग पर पुलिस की नजर

By: Bhagwat

Published: 15 Apr 2021, 09:35 PM IST

ब्यावर. भीलवाड़ा के कोटड़ी व रायला थाना पुलिस के दो जवानों पर फायरिंग कर हत्या करने के आरोपित फरार आरोपियों की काली स्कॉर्पियों कार डूंगरखेड़ा गांव के जंगलों में मिलीं। अजमेर और भीलवाड़ा जिले की पुलिस की ओर से जगह-जगह नाकाबंदी की गई। रावला बाडिया नाकाबंदी को देखकर तस्कर वापस गाडी मोडकर भाग छूटे। इस दौरान पुलिस ने तस्करों की गाडी पर फायरिग भी की लेकिन तस्कर भागने में सफल रहे। पुलिस से बचने के लिए रातभर भागते-भागते आरोपित जवाजा क्षेत्र के निकट जंगलों में फंस गए और भीम थाना क्षेत्र के डूंगरखेड़ा गांव के घने जंगलों में कार मिली है। अजमेर व भीलवाड़ा जिले के करीब 12 थानों की पुलिस की संयुक्त नाकाबंदी और घेराबंदी के बाद पुलिस को कार तो मिल गई, लेकिन अपराधी अभी भी पुलिस के हाथ नहीं लग सके हैं। प्रारंभिक पड़ताल में यह सामने आया है कि मामला नशे की तस्करी से जुड़ा है। भीलवाड़ा जिले में पुलिस पर फायरिंग कर भागे तस्करों को पकडऩे के लिए ब्यावर सीओ सर्किल में चार स्थानों पर नाकाबंदी की गई। पुलिस ने सभी क्षेत्रों में नाकाबंदी कर दी है। अजमेर, राजसमंद, पाली, भीलवाडा की सरहद होने से चारों ही जिलों की पुलिस आरोपितों को पकडऩे में जुटी रही। चारों ही जिलो की पुलिस आपसी समन्वय से मुख्य मार्गो पर नाकाबंदी करने के साथ ही मुख्य मार्गो लगातार गश्त कर रही है। पुलिस तस्करों को पकडऩे के लिए सघन प्रयास कर रही है। पुलिस उपअधीक्षक हीरालाल सैनी ने बताया कि भीलवाड़ा में पुलिस पर फायर कर एवं नाकाबंदी तोड़कर भागने की सूचना पर सदर थाना क्षेत्र के रावला का बाडिया, रामगढ़, जवाजा थाना क्षेत्र के राजियावास एवं टॉडगढ थाना क्षेत्र के बराखन में नाकाबंदी की गई। रावला बाडिया में नाकाबंदी के दौरान पुलिस उपअधीक्षक हीरालाल सैनी, शहरथानाधिकारी संजय शर्मा एवं सदर थाना पुलिस का जाब्ता तैनात रहा। रावला का बाडिया में नाकाबंदी देखकर तस्करों ने वापस स्कोर्फियों को भीलवाड़ा मार्ग की ओर मोड दिया। तस्कर भाग छूटे। इस दौरान तैनात पुलिस उपअधीक्षक हीरालाल सैनी, शहर थानाधिकारी संजय शर्मा, सदर थाना पुलिस के प्रभातीलाल सहित जाब्ते ने स्कोर्पियों का पीछा किया। इस दौरान पुलिस ने फायरिंग भी की लेकिन तस्कर भाग छूटे। तस्करों ने बोरवा होते हुए पहाडी क्षेत्र के आंतरिक रास्तों की ओर रुख कर दिया। माना जा रहा है कि तस्करों ने बोरवा के पास जसवंतपुरा, फत्ताखेडा, आंबा की पाल की पाल होते हुए देवखेडा होते हुए डूंगरखेडा निकल गए। यहां पर तालाब में स्कोर्फियों को छोडकर फरार हो गए। पुलिस की अलग-अलग टीमें तस्करों को पकडऩे के लिए दिनभर घूमती रही। पुलिस को अब तक तस्करों का सुराग नहीं लगा है। डूंगरखेडा के आस-पास पहाडी क्षेत्र होने एवं यहां से रास्ते भीलवाडा जिले के बदनोर, भीम, जवाजा सहित अन्य क्षेत्रों में निकलते है। एेसे में पुलिस दिनभर इन रास्तों पर डटी रही।

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