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किसानों की क्रेडिट बढ़ाएंगे मवेशी

जवाजा व मसूदा पहाडी क्षेत्र होने से खेती योग्य जमीन कम, कम जोत के कारण काश्तकार योजना का लाभ नहीं उठा पाते, किसान क्रेडिट कार्ड में पशु पालकों को भी शामिल किए जाने से अब काश्तकारों की क्रेडिट में इजाफा होने की राह खुली, अब तक तीन सौ काश्तकारों ने किया आवेदन

ब्यावर

Updated: January 22, 2022 08:37:12 pm

ब्यावर. मगरा क्षेत्र के काश्तकारों के लिए कम जोत कृषि विभाग की योजनाओं के लाभ लेने में हमेशा बाधक रही। काश्तकारों के पास कम जोत होने के कारण कृषि विभाग की विविध योजनाओं का लाभ लेने वालों में मसूदा, ब्यावर व टॉडगढ उपखंड के काश्तकारों की संख्या गिनीचुनी ही रहती है। अब पशु पालन विभाग की ओर से पशु पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड में शामिल किए जाने से काश्तकारों को क्रेडिट में इजाफा होगा। ऐसे में छोटी जोत के साथ ही पशुओं की देखरेख के लिए मिलने वाली राशि मगरा क्षेत्र के काश्तकारों के लिए राहत देनी वाली होगी। अब तक किसान क्रेडिट के तहत मवेशी को शामिल करने के लिए तीन सौ काश्तकारों ने आवेदन किया है। इनमें ब्यावर क्षेत्र के 74 एवं जवाजा क्षेत्र के करीब दौ सौ पशु पालकों ने आवेदन किया है। इनमें करीब 96 आवेदन टॉडगढ क्षेत्र के शामिल है। देहात मेंआम बोलचाल में कहा जाता है कि थोडी खेती, मिनखां ने खावे...। इसका मतलब है कि कम खेती होने से काश्तकार के हाड तोड मेहनत करने के बावजूद पर्याप्त उपज नहीं मिल पाती है। काश्तकार आर्थिक रुप से डूबता जाता है। यह ग्रामीण क्षेत्र की आम बोलचाल की बात जवाजा व मसूदा तहसील के काश्तकारों पर सटिक साबित हो रही है। यहां काश्तकारों के पास खेती योग्य जमीन कम होने से योजनाओं का लाभ लेने से महरूम रह जाते है। इस क्षेत्र में कृषि विभाग की विविध योजनाओं का लाभ लेने वाले काश्तकारों की संख्या अन्य क्षेत्रों के अनुपात में बेहद कम है। कृषि विभाग की ओर से सिंचाई के लिए वर्षाजल को संग्रहण कर उपयोग करने के लिए फार्म पौंड योजना शुरु की। जवाजा क्षेत्र में पथरीली व पहाड़ी क्षेत्र होने से काश्तकारों के पास फार्म पौंड बनाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। इसके चलते जवाजा पंचायत समिति में फार्म पौंड बनाने वालों की संख्या गिनी-चुनी है। ऐसे में काश्तकार योजना से महरुम है। हालात यह है कि इन क्षेत्रों के काश्तकार कृषि पर आश्रित रहकर आजिविका भी नहीं चला सकते है। ऐसे में काश्तकार खेती के साथ ही पशु पालन का काम भी करते है। अब पशु पालकों को भी किसान क्रेडिट कार्ड योजना में शामिल किए जाने से मगरा क्षेत्र के काश्तकारों को राहत मिलेगी।दो साल से चिकित्सक नहीं, पशु पालक परेशानटॉडगढ़ उपखंड मुख्यालय होने के बावजूद पिछले दो साल से अधिक समय से पशु चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। एक कम्पाउडर के भरोसे अस्पताल चल रहा है। ऐसे में पशु पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से जुडने के लिए जवाजा आना पड़ रहा है। इससे उनके आवाजाही के खर्चे सहित समय की बर्बादी हो रही है। टॉडगढ क्षेत्र से अब तक किसान क्रेडिट कार्ड से जुडने के लिए 96 काश्तकार आवेदन कर चुके है।
किसानों की क्रेडिट बढ़ाएंगे   मवेशी
किसानों की क्रेडिट बढ़ाएंगे मवेशी
इनका कहना है...

किसान क्रेडिट कार्ड में पशु पालकों को जोडने का काम चल रहा है। अब तक 74 पशु पालकों को इससे जोडा जा चुका है। पशु पालकों के और भी आवेदन आ रहे है।
-डॉ. जावेद हुसैन, प्रभारी, ए श्रेणी पशु चिकित्सालय, ब्यावर

किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर पशु पालक आवेदन कर रहे है। अब तक दौ सौ आवेदन आ चुके है। काश्तकारों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोडने का काम चल रहा है।-सौबिरसिंह, प्रभारी, पशु चिकित्सालय, जवाजा

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