कमजोर और बीमार बच्चों की होगी सार संभाल

कमजोर और बीमार बच्चों की होगी सार संभाल

Tarun Kashyap | Publish: Apr, 17 2018 06:33:15 PM (IST) Beawar, Rajasthan, India

ब्यावर में सबसे अधिक मामले आने के बाद आशाओं को दिए निर्देश ,इंडस्ट्रियल एरिया व दूसरे जिलों से आने से बढ़ीसंख्या

चिकित्सा विााग अब तलाशेगा कुपोषित-अति कुपोषित बच्चे
-सबसे अधिक मामले आने के बाद आशाओं को दिए निर्देश
-इंडस्ट्रियल एरिया व दूसरे जिलों से आने से बढ़ी संया
ब्यावर. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अब कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की तलाश कर उन्हें उचित पोषाहार उपलब्ध करवाएगा। विभाग का ध्यान पूरी तरह से कुपोषित बच्चों की ओर केन्द्रित हो गया है। आशाओंं को उनके क्षेत्र में सर्वे कर हर बच्चे की रिपोर्ट दिए जाने के लिए कहा गया है। मदर चाइल्ड विंग स्थित कुपोषित यूनिट में लगातार कुपोषित बच्चों के आने के साथ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी की ओर से निरीक्षण में भी यहां अधिक बच्चे मिले थे। बच्चों को बेहतर पोषण के साथ उपचार मिल सके इसके लिए विभाग की ओर से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
पांच जिलों व इंडस्ट्रियल होने से बढ़ी संया...
ब्यावर के आस पास राजस्थान की सबसे बढ़ी मिनरल यूनिट है। इसके अलावा खनन कार्य में लगे श्रमिक बाहर से आते हैं। अस्पताल में अजमेर जिले के अलावा भीलवाड़ा, राजसमंद, नागौर, भीम सहित दूसरे जिलों के मरीज यहीं उपचार करवाने आते हैं। लगातार कुपोषित बच्चों की संया बढऩे से यहां अलग से यूनिट खोली गई। इस कारण ऐसे बच्चों की संया में काफी इजाफा हुआ।
सबसे अधिक ध्यान भी यहीं केन्द्रित...
कुपोषित बच्चों को लेकर चिकित्सा विााग का ध्यान ब्यावर की ओर केन्द्रित हो गया। विभाग से निर्देश मिलने के बाद आशा सहयोगनियां अपने क्षेत्र में डोर टू डोर सर्वे कर ऐसे बच्चों को चिह्नित करने के साथ उन्हें उपचार की जरुरत है तो वह भर्ती करवाने के साथ पोषाहार को लेकर परिजन को जानकारी देगी। आशाओं को ऐसे बच्चों की रिपोर्ट तैैयार देने के लिए कहा।
उपचार पूरा नहीं लेने से बढ़ी संया...
मदर चाइल्ड विंग में भर्ती कुपोषित बच्चों की अब तक की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद सामने आया कि कई परिजन पूरा उपचार नहीं करवाते हैं। अधिकांश लोग श्रमिक या खेतीहर होने से फसलों की कटाई या रिको में जाने से अस्पताल में समय नहीं दे पाते। आधे अधूरे उपचार में बच्चों की छुट्टी लेकर चले जाते हैं। इस कारण ऐसे बच्चों की संया बढ़ रही है।
भरण पोषण की दर में कटौती...
सरकार ने कुपोषित बच्चों के भरण पोषण के लिए प्रतिदिन मिलने वाली राशि पर भी कैंची चला दी है। पहले प्रति बच्चे १६५ रुपए मिलते थे, लेकिन अब यह राशि घटकर सौ रुपए हो गई है।
आंकड़ों की जुबानी...
मदर चाइल्ड विंग में गत एक साल (वित्तीय वर्ष) के अंदर ७५ कुपोषित व अति कुपोषित बच्चे भर्ती हुए। यह संया अन्य अस्पतालों के मुकाबले अधिक है। इस कारण विभाग ने सर्वे शुरूकरवाया है।

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