जिले के 78 हजार से ज्यादा किसानों से होगी 320 करोड़ रुपए कर्ज की वसूली

एक दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धानी की खरीदी शुरू होगी। इसके लिए जिले के 87 केंद्रों में तैयारी की जा रही है।

By: Laxmi Narayan Dewangan

Published: 27 Nov 2019, 07:12 AM IST

बेमेतरा. जिले में किसानों को धान बेचने के साथ लिंकिंग के तहत कर्ज का भुगतान करना होगा। जिले में सहकारी बैंक की 17 शाखाओं में 78 हजार से अधिक किसानों पर 320 करोड़ का अल्प अवधि ऋण है, जिसकी वसूली की जानी है। जिले समेत प्रदेश में एक दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धानी की खरीदी शुरू होगी। इसके लिए जिले के 87 केंद्रों में तैयारी की जा रही है। बेमेतरा, साजा, बेरला, नवागढ़ एवं थान खम्हरिया तहसील के 96831 किसानों ने धान बेचने के लिए समितियों में पंजीयन कराया है। इस बार 20326 नए किसानों का पंजीयन किया गया है। जिले में 177419 हेक्टेयर रकबे का धान बेचने किसानों ने पंजीयन कराया है।

पहले दाने से शुरू होगी कर्ज वसूली
किसानों से धान खरीदी के बाद कर्ज की वसूली भी शुरू हो जाएगी, जिसमें कर्जदार किसानों से उपज के पहले दाने से वसूली शुरू होगी। जानकारों के अनुसार लिंकिंग से वसूली से पूर्व से लागू है, जो इस बार भी पूर्ववत रहेगा। जिले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग की 17 शाखा संचालित हैं, जहां पर 78554 किसानों ने नगद एवं खाद-बीज के लिए कुल 302 करोड़ 60 लाख 68 हजार रुपए का कर्ज लिया है।

कहां-कितने किसानों ने लिया कर्ज
बेमेतरा शाखा से 2872 किसानों ने 12 करोड़ 92 लाख, जेवरा शाखा के 3572 किसानों ने 12 करोड़ 37 लाख, बालसमुन्द्र में 3461 किसानों ने 12 करोड़ 20 लाख, नवागढ़ में 8308 किसानों ने 27 करोड़ 22 लाख, नांदघाट में 3619 किसानों ने 10 करोड़ 39 लाख, दाढ़ी में 3994 किसानों ने 15 करोड़ 58 लाख, मारो में 2785 किसानों ने 7 करोड़ 62 लाख, संबलपुर में 5216 किसानों ने 18 करोड़ 32 लाख, बेरला में 10326 किसानों ने 33 करोड़ 8 लाख, साजा में 4635 किसानों ने 21 करोड़ 74 लाख, देवकर में 3842 किसानों ने 13 करोड़ 92 लाख, परपोड़ी में 4312 किसानों ने 20 करोड़ 62 लाख, थानखम्हरिया में 5874 किसानों ने 23 करोड़ 43 लाख, ठेलका में 3115 किसानों ने 14 करोड़, भिंभौरी में 5036 किसानों ने 17 करोड़ 17 लाख, देवरबीजा में 3992 किसानों ने 22 करोड़ 50 लाख और खंडसरा में 3593 किसानों ने 19 करोड़ 44 लाख का कर्ज लिया है। जिलेभर का आंकड़ा देखा जाए तो जिले में 78554 किसानों ने 225 करोड़ नगद व 77 करोड़ 13 लाख का खाद -बीज व अन्य सामग्री समेत 302 करोड़ 60 लाख का कर्ज 17 शाखाओं से लिया है।

1835 रुपए में होगी खरीदी शेष राशि के लिए दूसरी योजना लाएगी सरकार
प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अब राज्य के किसानों से 2500 रुपए की जगह केन्द्र सरकार की ओर से तय न्यूनतम समर्थन मूल्य 1835 रुपए और 1815 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने की घोषणा की है। जिससे जिले के किसानों में थोड़ी मायूसी नजर आ रही है। मुख्यमंत्री भूपेश ने कहा है कि केन्द्र सरकार ने कहा है कि राज्य ने धान का 2500 रुपया प्रति क्विंटल सीधा दे दिया तो वे अतिरिक्त चावल नहीं खरीदेंगे। तमाम चर्चाओं के बाद भी वे मानने को तैयार नहीं हैं। यह केन्द्र सरकार और भाजपा का अहंकार है। उन्होंने कहा है हम धान खरीदी केन्द्रों पर 1835 रुपए के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन का बैनर लगाएंगे। 2500 रुपए में अंतर की शेष राशि के लिए दूसरी योजना लेकर आएंगे। उसके लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति बनाई जाएगी।

पूर्व वर्ष में मिला था कर्ज मुक्ति का लाभ
जिले के किसानों को पूर्व वर्ष यानी खरीफ फसल सत्र 2018 के दौरान शासन की घोषणा के अनुसार एक साथ केसीसी लोन माफ होने का लाभ मिला था, जिसमें किसानों का पूर्व का सभी कृषि लोन माफ किया गया था, जिसका लाभ जिले की 54 समितियों से जुड़े 84184 किसानों को मिला था। कुल 460 करोड़ का कर्ज माफ हुआ था। जिला नोडल अधिकारी आरके वारे ने बताया कि केसीसी लोन लेने वाले किसानों से पूर्व की तरह ही लिंकिंग के तहत कर्ज की वसूली की जाएगी। जिले में एक दिसंबर से धान खरीदी शुरू होगी। 

Laxmi Narayan Dewangan
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