खादी ग्रामोद्योग विभाग में कमीशनखोरी, बेमेतरा सहायक संचालक निलंबित, रिश्वत मांगने का युवक ने बनाया वीडियो

लोन के अनुदान चेक के एवज में कमीशन लेने का मामला उजागर होने के बाद, बेमेतरा खादी ग्रामोद्योग के सहायक संचालक केपी पराते को निलंबित कर दिया गया है ।

By: Dakshi Sahu

Published: 10 Jan 2021, 05:25 PM IST

बेमेतरा. लोन के अनुदान चेक के एवज में कमीशन लेने का मामला उजागर होने के बाद, बेमेतरा खादी ग्रामोद्योग के सहायक संचालक केपी पराते को निलंबित कर दिया गया है । निलम्बन की अवधि में उनका मुख्यालय राज्य कार्यालय रायपुर होगा। वहीं विभागीय गतिविधियों को सुचारू रखने, प्रदीप देवांगन सहायक संचालक खादी ग्रामोद्योग जिला दुर्ग को बेमेतरा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इस सम्बंध में प्रबंध संचालक राजेश राणा ने बताया कि कार्य में लापरवाही बरतने व हितग्राहियों से रिश्वत लेने की शिकायत सही पाए जाने पर, तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित किया गया है । कार्रवाई को लेकर बेमेतरा कलेक्टर कार्यालय की ओर से पत्र मिला था।

गौरतलब हो कि बेरला ब्लॉक के मटिया बारगांव निवासी हितग्राही नारद यादव ने तथ्यों के साथ कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंप, अधिकारी के निलंबन की मांग की थी। मामले की जानकारी देते हुए सभापति जिला पंचायत राहुल टिकरिहा ने बताया कि छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड बेमेतरा में बेरोजगारों से अवैध वसूली की लगातार शिकायत मिल रही थी। बेरला ब्लॉक के ग्राम बारगांव निवासी नारद यादव ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत खादी व ग्राम उद्योग बोर्ड में 2 लाख के लोन के लिए आवेदन किया था। योजना के अंतर्गत शासन की ओर से केटेगरी के अनुसार 25-35 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है । यहां आवेदक का लोन प्रकरण स्वीकृत होने के बाद, 35 प्रतिशत यानि 70 हजार रुपए का अनुदान चेक लेने खादी ग्रामोद्योग कार्यालय पहुंचा। हितग्राही ने ट्रैक्टर रिपेरिंग शॉप खोलने के लिए विभाग से लोन लिया था

अनुदान चेक के एवज में 10 प्रतिशत राशि की डिमांड, हितग्राही ने बनाया वीडियो
अधिकारी चेक के एवज में अनुदान राशि का 10 प्रतिशत की डिमांड करने लगा। काफी मान मनौवल के बाद 6 हजार 500 रुपए लेने को तैयार हुआ । इसके बाद सम्बंधित अधिकारी को कमीशन की राशि लेते हितग्राही ने अपनी मोबाइल से वीडियो बना लिया। जिसमें अधिकारी हितग्राही से कमीशन की राशि 6 हजार 500 रुपए लेकर अपनी शर्ट की जेब में डाल रहा है। हितग्राही ने इसकी जानकारी सभापति जिला पंचायत राहुल टिकरिहा को दी ।

अधिकारी, आवेदक को घूस देने के लिए करते हैं मजबूर
इसके बाद हितग्राही नारद यादव, सभापति टिकरिहा के साथ विभाग के कार्यालय पहुंचा । यहां अधिकारी को फटकार लगाते हुए, सभापति ने हितग्राही को 6 हजार 500 रुपए वापस दिलाया। हितग्राही नारद ने बताया कि विभाग में हर हितग्राही से राशि की डिमांड की जाती है। आवेदक को बार-बार कार्यालय के चक्कर कटवाए जाते हैं। आवेदक को घूस देने के लिए मजबूर किया जाता है ।

चाय-पानी के नाम पर हर बार की जाती हैं राशि की डिमांड
हितग्राही ने बताया कि सम्बंधित विभाग के कर्मी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। लोन के लिए आवेदन किए लोगो की मजबूरी का फायदा उठाया जाता है। यहां बेरोजगार अपने जीवन यापन और रोजगार सृजन के लिए लोन लेने विभागीय योजना के अंतर्गत आवेदन करते हैं। आवेदन की प्रक्रिया को पूरा करने हितग्राही को कई बार कार्यालय बुलाया जाता है। इस दौरान आवेदक से हर बार चाय पानी के नाम पर 500-1000 रुपए लिए जाते हैं । एक प्रकार से हितग्राहियों को मिलने वाली अनुदान की आधी राशि विभाग के अधिकारी को घूस देने में चली जाती है ।

कृत्य के लिए फोन पर माफी मांगने की आडियो व कमीशन लेने का वीडियो क्लिप एसपी को सौंपा
राहुल टिकरिहा ने सहायक संचालक से मुलाकात करने के पहले मोबाइल में उनसे बात की। हितग्राहियों से हजारों रुपए चाय पानी के नाम पर मांगने की बात कहते हुए इस तरह का हरकत बेरोजगारों से नहीं करने की हिदायत दी। फोन में बात करने के दौरान अधिकारी अपने कृत्य के लिए माफी मांग रहे थे। इससे सम्बन्धित आडियो व कमीशन लेने की वीडियो क्लिप की सीडी ज्ञापन के साथ पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल को सौंपी गई। राजेश राणा प्रबंध संचालक खादी ग्रामोद्योग ने बताया कि मामले मे कार्रवाई को लेकर बेमेतरा कलेक्टर कार्यालय से पत्र मिला था। प्रथम दृष्टया मामले में दोषी पाए जाने पर, बेमेतरा सहायक संचालक को निलंबित कर दिया गया है ।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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