15 में से मात्र 1 बिंदु में ही बेमेतरा जिला अव्वल, बाकी में सुधार की जरूरत

सामाजिक अंकेक्षण रिपोर्ट में हुआ प्रदेशभर के स्कूलों की तुलना में जिले की स्थिति

बेमेतरा . शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत स्कूलों में सोशल ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक जिले की स्थिति बेहतर नहीं कहा जा सकता। जिला कुछ बिंदुओं में पूरे प्रदेश में अंतिम क्रम में है। डॉ. अब्दुल कलाम गुणवत्ता अभियान के तहत जिले में 3 वर्ष के दौरान स्कूलों का आंकलन किया गया है। अभियान की पूर्णता के लिए चार वर्ष का समय तय किया गया है। अब तक प्रदेश के 27 जिलों में 3 वर्ष 2015 -16 के दौरान 229 प्राथमिक स्कूल, 110 मिडिल स्कूल, 2016 -17 के दौरान 193 प्राथमिक स्कूलों व 2017-18 में 208 प्राथमिक व 74 मिडिल स्कूल का आंकलन किया गया है। स्कूलों में शिक्षा व विभाग को छोड़कर दीगर विभागों के जिम्मेदार पहुंचे थे। वहीं जनप्रतिनिधियों द्वारा भी स्कूलों का निरीक्षण किया गया था। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए गए शिक्षा गुणवत्ता अभियान की राज्य शासन ने विश्लेषणात्मक रिपोर्ट जारी कर दी है। 15 बिंदुओं पर किए गए सामाजिक अंकेक्षण में प्रदेश में हमारे जिले ने केवल बच्चों की उपलब्धियों के विश्लेषण में ही प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य शासन से रिपोर्ट आने के बाद शिक्षा विभाग को जिले के स्कूलों में सुधार करने की चिंता सताने लगी है। जिला कुल 15 बिंदुओं में से केवल 5 बिंदुओं में बेहतर है।


5 से 15 जुलाई तक हुआ था स्कूलों में सामजिक अंकेक्षण
ज्ञात हो कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत शिक्षा विभाग द्वारा जिले के 1130 स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत शिक्षा के स्तर की जानकारी ली गई थी। स्कूलों की सामाजिक अंकेक्षण के लिए शिक्षा विभाग के लगभग 11 सौ से अधिक नोडल अधिकारियों ने स्कूलों का जायजा लेकर जिला स्तर पर रिपोर्ट तैयार किया और यह रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत किया गया था। जानकारी के मुताबिक जिले के 1130 स्कूलों में से 208 प्राथमिक और 74 माध्यमिक शालाओं सहित कुल 282 स्कूलों में विशेष रूप से मॉनिटरिंग की गई थी। क्योकि इन शालाओं का स्तर काफी खराब निकला था। इन स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए इन ज्यादा जोर दिया गया है।

9 बिंदुओं में स्थिति बहुत ही कमजोर
राज्य शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिक्षा गुणवत्ता की रिपोर्ट में जिला तय 15 बिंदुओं में से केवल बच्चों की उपलब्धियों के बिन्दु पर प्रथम है। इसके अलावा 2 बिंदुओं बच्चों के पठन कौशल व विज्ञान के सवालों का हल कर पाने में जिला दूसरे स्थान पर है। वहीं 2 बिंदुओं लेखन कौशल व गणितीय कौशल में तीसरे स्थान पर है। नियमित स्कूल आने के मामले में जिला 6 वें क्रम में है। जिले में 85 फीसदी बच्चे नियमित स्कूल आने वाले हैं। शिक्षण योजना निर्माण करने में जिले को 6 वा स्थान मिला है। शाला विकास में जिला 8 वें क्रम में है। माताओं की सक्रियता की श्रेणी में जिला 9 वें स्थान पर है।


समूह में एक-दूसरे से सीखने के बिंदु में सबसे पीछे है जिला
सामाजिक अंकेक्षण की ताजा रिपोर्ट के अनुसार जिले के स्कूलों के बारे में लोगों की प्रतिक्रिया बेहतर नहीं होना पाया गया है। जिले को शाला प्रबंधन के बिंदु में 13 वा स्थान मिला है। शालाओं में सीखने का वातावरण होने के बिंदु पर जिला 17 वें स्थान पर है। स्कूलों में स्वास्थ, स्वच्छता व अच्छी आदतों के विकास के बिंदु में जिला 18 वें स्थान पर है। स्कूलों के बारे में लोगों का राय ठीक नहीं है। जिला इस बिन्दु में 19 वें स्थान पर है। प्रदेश में जिले के स्कूलों की सबसे खराब स्थिति स्कूलों में बच्चों को समूह में एक-दूसरे से सीखने के बिंदु में है। इस बिंदु में जिला 26 वें स्थान पर है। जिले के स्कूल इन बिंदुओं में नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, सरगुजा व बलरामपुर से भी कमजोर है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी एके भार्गव ने कहा कि जिले कुछ बिंदुओं में बेहतर हैं तो कुछ बिंदुओं में कमजोर हैं। जिन बिंदुओं में कमजोर हैं, उसमें सुधार के लिए कार्यक्रम बनाकर काम करेंगे।

Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
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