यहां रावण जलाने लोगों के बीच में ऐसा खौफ, पूरे शहर ने खड़ा कर दिया हाथ, भाई देख लो...

यहां रावण जलाने लोगों के बीच में ऐसा खौफ, पूरे शहर ने खड़ा कर दिया हाथ, भाई देख लो...

Dakshi Sahu | Publish: Oct, 14 2018 11:25:19 AM (IST) | Updated: Oct, 14 2018 11:25:20 AM (IST) Bemetara, Chhattisgarh, India

दशहरा में शेष 5 दिन बचे हैं और अभी तक रावण के पुतले का ऑर्डर नहीं दिया गया है। जिला कार्यालय में करीब 40 फीट के रावण का दहन होता है। इस पुतले को बनाने में कारीगर को सप्ताहभर लग जाता है।

बेमेतरा. हर साल धूमधाम से मनाए जाने वाले दशहरा पर्व पर विधानसभा चुनाव की आचार संहिता का असर देखने को मिल रहा है। आचार संहिता का हवाला देकर पालिका प्रशासन ने फंड देने से हाथ खड़े कर लिए हैं। ऐसे में दशहरा मनाने को लेकर असमंजस की स्थिति है। आलम यह है कि दशहरा में शेष 5 दिन बचे हैं और अभी तक रावण के पुतले का ऑर्डर नहीं दिया गया है। जिला कार्यालय में करीब 40 फीट के रावण का दहन होता है। इस पुतले को बनाने में कारीगर को सप्ताहभर लग जाता है।

इस बार अब तक कारीगर को ऑर्डर नहीं मिला है। आनन-फानन में तैयारियां कर भी ली जाती हैं, तो पर्व की रौनक फीकी रहने वाली है। हर साल पालिका प्रशासन की ओर से दशहरा के लिए फंड जुटाया जाता है, लेकिन इस बार पालिका प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए हैं, वहीं जनप्रतिनिधि भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। तैयारियों को लेकर दशहरा उत्सव समिति की अब तक एक बार भी बैठक नहीं हुई। नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा के अनुसार इस बार रावणभाठा मैदान में दुकान लगाने वाले व्यापारियों से फंड जुटाने को लेकर बैठक में चर्चा की जाएगी।

रावण दहन का स्थान भी बदला
चुनाव को लेकर मंडी वेयर हाउस में वोटिंग मशीनें रखी गई हैं। दशकों से बेसिक स्कूल मैदान में दशहरा उत्सव मनाया जाता था। लेकिन दो साल से स्थल परिवर्तन कर मंडी प्रांगण में दशहरा उत्सव मनाया जाने लगा। इस बार विधानसभा चुनाव के लिए जिलेभर की वोटिंग मशीनें मंडी वेयर हाउस में रखी गई हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से कलक्टर महादेव कावरे के निर्देश पर स्थल परिवर्तन करते हुए बेसिक स्कूल मैदान में पर्व मनाने का निर्णय हुआ है। बावजूद लोगों में असमंजस है।

हर साल आता है ढाई से तीन लाख रुपए का खर्च
जानकारी के अनुसार शामियाना, प्रकाश व्यवस्था, आतिशबाजी, रावण का पुतला समेत अन्य कार्यों पर हर साल ढाई से तीन लाख रुपए खर्च आता है। इसमें 40 फीट रावण के पुतले पर ही करीब 80 हजार रुपए खर्च होते हैं। अब आवश्यक फंड जुटाने को लेकर रविवार को राम मंदिर प्रांगण में पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा की ओर से दशहरा उत्सव समिति की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के साथ फंड जुटाने के उपायों पर चर्चा होगी।

असमंजस को दूर करे प्रशासन
समाजसेवी अमरिका निर्मलकर ने कहा कि हिंदू इस पर्व को धूमधाम से मनाते हैं। हर साल पालिका की ओर से व्यवस्था बनाई जाती है। इस बार आचार संहिता का हवाला दिया जा रहा है। इसलिए असमंजस हैं। इसे दूर किया जाना चाहिए। अनाज व्यापारी घनश्याम सिन्हा के अनुसार दशहरा को लेकर प्रशासन की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई है। हर वर्ग के लोगों को इस दशहरा का इंतजार रहता है। पांच दिन बचे हैं, बावजूद तैयारियों को लेकर दशहरा उत्सव समिति की बैठक नहीं बुलाई गई। इससे त्यौहार की तैयारियों का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।

हर जगह 19 अक्टूबर को मनेगा दशहरा
इस बार देश में दशहरा उत्सव 19 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इसके लिए सभी स्थानों पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। बंगाली समाज की ओर से मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना की तैयारी भी पूरी हो चुकी है। सभी पांडालों में रोज जसगीत आदि हो रहे हैं। मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जन भी 19 अक्टूबर को होगा। सीएमओ बेमेतरा मोहेंद्र साहू ने बताया कि आचार संहिता की वजह से इस बार दशहरा को लेकर पालिका की ओर से कोई तैयारी नहीं हैं। इस बार दशहरा कैसे मनाया जाए, कुछ भी बताने की स्थिति में नही हूं।

कलेक्टर महादेव कावरे ने बताया कि आचार संहिता के कारण प्रशासन की ओर से कोई सहयोग नहीं दिया जाएगा। दशहरा उत्सव समिति आयोजक है, इसलिए फंड जुटाने की जिम्मेदारी उनकी है। अध्यक्ष नगर पालिका बेमेतरा विजय सिन्हा ने बताया कि राम मंदिर में दशहरा उत्सव समिति की बैठक बुलाई गई है। प्रशासन ने आचार संहिता का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए हैं। हर साल दशहरा में करीब ढाई लाख रुपए खर्च आता है। बैठक में फंड जुटाने को लेकर चर्चा की जाएगी।

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