पहली बार प्रशासन ने भी माना कर्जदार था आत्महत्या करने वाला किसान, मजबूरी में ली खुद की जान

कर्ज के बोझ तले दबे बेरला ब्लॉक के ग्राम कठिया के किसान रामाधार साहू के आत्महत्या के मामले में प्रशासन की संवेदनहीनता खुलकर सामने आ गई है।

By: Dakshi Sahu

Published: 11 Dec 2017, 12:30 PM IST

बेमेतरा. कर्ज के बोझ तले दबे बेरला ब्लॉक के ग्राम कठिया के किसान रामाधार साहू के आत्महत्या के मामले में प्रशासन की संवेदनहीनता खुलकर सामने आ गई है। एक तरफ घटना की जहां पूरे प्रदेश में चर्चा है, वहीं घटना के 24 घंटे बाद भी एक भी प्रशासनिक अधिकारी मृत किसान के परिजन से मिलने नहीं पहुंचा। वहीं रविवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जांच दल ने गांव में पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

किसान रामाधार साहू के आत्महत्या करने के बाद कर्ज की वजह से उनकी परेशानी को परिजन ने पत्रिका से चर्चा में बताया। मृत किसान के छोटे बेटे लोकनाथ साहू ने बताया कि बैंक व ट्रैक्टर की फाइनेंस में लिए रुपए पटाने के लिए नोटिस मिलने के बाद से वे हमेशा परेशान रहा करते थे। छह माह पहले रामाधार मई महीने में किसी सदस्य को बिना बताएं घर से चले गए थे, और कुछ दिन बाद स्वयं घर लौट आए। मृतक ने अपने दोस्तों को कर्ज से परेशान होकर घर छोडऩे और दुर्ग रेलवे स्टेशन में समय गुजारने की बात कही थी।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी का जांच दल रविवार को ग्राम कठिया पहुंचा। जांच दल में शामिल दुर्ग सांसद ताम्रध्वज, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे, पूर्व मंत्री बीडी कुरैशी, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष छाबड़ा, प्रदेश सचिव विजय बघेल, प्रवीण तिवारी, सुरेन्द्र तिवारी शामिल थे। मृतक का छोटा बेटा लोकनाथ जांच दल को कर्ज से परेशान अपने पिता की व्यथा बताते हुए फफक कर रो पड़ा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण बैंक, जेवरा व ट्रैक्टर फाइनेंस के रूप में लाखों की राशि कर्ज था।

अल्पवर्षा के कारण फसल की लागत के बराबर भी धान नहीं हुआ। कर्ज पटाने का कोई रास्ता नहीं मिलता देख उनके पिता ने यह आत्मघाती कदम उठाया। जांच दल ने परिजन को सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान कांग्रेस पार्टी से रवि रजक, रोशन दत्ता, ललित विश्वकर्मा, बंशी पटेल, मिलन चौहान, भावसिंह राज, बल्ला वर्मा, वसीम मुनीर, अनिल साहू, खेलावन साहू आदि उपस्थित थे। इधर जिला मुख्यालय में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) के कार्यकर्ताओं ने मृत किसान रामाधार साहू के परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर मशाल रैली निकाली।

किसान विरोधी नीति को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ कार्यकर्ताओं की नारेबाजी के बीच रैली शहर के मुख्य चौक-चौराहों से होते हुए पुराना बस स्टैण्ड में समाप्त हुई। इस दौरान प्रदेश महासचिव योगेश तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सिंचाई सुविधा बढ़ाने को लेकर करोड़ों रुपए खर्च करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर परिस्थितियां विपरीत है।

सारी योजनाएं नेता व अफसरों के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। नतीजतन सूखे की स्थिति में किसान को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मशाल रैली में लाला भारती, सचिदानंद मिश्रा, रवि परगनिया, सुरेश पटेल, मुकेश साहू, उत्सव सलूजा, लेखमणी पाण्डेय, सोमन यदू, सिध्दांत तिवारी, शामिल हुए।

किसान के आत्महत्या के मामले की जांच कर रहे बेरला तहसीलदार अमित श्रीवास्तव ने किसान पर समिति, बैंक व ट्रैक्टर के नाम पर लाखों रुपए कर्ज होना पाया गया। बताया गया कि मृतक कठिया सेवा सहकारी समिति का उपाध्यक्ष था। उनके पुत्र लोकेश्वर ने बताया है कि हाल में रामाधार को ग्रामीण बैंक जेवरा शाखा से 1.56 लाख रुपए केसीसी लोन अदा करने के लिए नोटिस मिला था। उपरोक्त प्रकरण का 8 दिसम्बर को लोक अदालत बेमेतरा में निराकरण-सुलह समझौते के आधार पर होना था।

वहीं महिंद्रा फाइनेंस, भाटापारा से वर्ष 2014 में ट्रेक्टर एवं ट्रॉली के लिए फाइनेंस कराया था, जिसमें लगभग 5 लाख रुपए बकाया है। कठिया सहकारी समिति प्रबंधक ने बेरला तहसीलदार को बताया कि मृतक रामाधार पर समिति का 1.18 लाख रुपए का कर्ज बकाया है। प्रभारी तहसीलदार-बेरला अमित श्रीवास्तव ने बताया कि किसान की आत्महत्या के मामले की जांच कर प्रतिवेदन एसडीएम साजा को सौंपा गया है।

जांच मे किसान पर समिति, बैंक व ट्रैक्टर पर लाखों रुपए कर्ज होना पाया गया। एसडीएम साजा केएस मंडावी ने बताया कि मृत किसान के परिवार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कर्ज माफी की मांग व जांच प्रतिवेदन को अग्रिम कार्रवाई को लेकर कलक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को भेजा गया है।

Dakshi Sahu Desk/Reporting
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