ओडीएफ के चक्कर में रिकार्डों में बना दिए हजारों शौचालय, स्वच्छ भारत का ऐसा है हाल

ओडीएफ के चक्कर में रिकार्डों में बना दिए हजारों शौचालय, स्वच्छ भारत का ऐसा है हाल

Dakshi Sahu | Publish: Aug, 12 2018 12:26:05 PM (IST) Bemetara, Chhattisgarh, India

मनरेगा के तहत 28446 शौचालय व 14 वित्त की राशि से 9601 शौचालय का निर्माण करना है। चार तरह की योजना से जिले में 134258 शौचालय का निर्माण किया जाना है।

बेमेतरा. जिले को ओडीएफ बनाने के चक्कर में लोगों से शौचालय निर्माण कराने के बाद भी शासन ने 12 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि नहीं दी है। जिसके कारण बचत राशि के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। पंचायत विभाग के जिम्मेदारों का दावा है कि राशि का आवंटन केवल उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण लंबित है।

केन्द्र शासन ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 हजार रपए की प्रोत्साहन राशि देकर लोगों को शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित किया। जिले में योजना के तहत करीब 91 हजार शौचालय का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा मनरेगा के तहत 28446 शौचालय व 14 वित्त की राशि से 9601 शौचालय का निर्माण करना है। चार तरह की योजना से जिले में 134258 शौचालय का निर्माण किया जाना है।

19 करोड़ का भुगतान बाकी लेकिन मात्र 4 करोड़ जारी
जनकारी के अनुसार जिले के बेमेतरा जनपद के कुल 103 पंचायत के 187 गांवों में एसबीएम यानी स्वच्छ भारत अभियान के तहत 15044 शौचालय का निर्माण कराया जाना था। रिकॉर्ड के अनुसार शत प्रतिशत शौचालय का निर्माण किया जा चुका है।

जिसके एवज मे 15 करोड़ 46 लाख का आवंटन किया गया है। योजना के तहत अभी भी लोगों को 258 लाख 80 हजार का आवंटन जारी किया जाना है। इसके आलावा नवागढ़ विकासखंड में 26583 शौचालय का निर्माण किया गया। जिसके लिए 587 लाख का आवंटन किया जाना है।

15 करोड़ का भुगतान किया जाना शेष
साजा जनपद में 20596 शौचालय का निर्माण किया गया है। जिसके बाद हितग्राहियों को 361 लाख का आवंटन किया जाना था। बेरला में 28917 शौचालय का निर्माण किया गया है। शौचालय निर्माण के बाद हितग्राहियों को 789 लाख का आवंटन किया जाना है। कुल 19 करोड़ 92 लाख का भुगतान किया जाना था जिसमे से 4 करोड़ का आवंटन करने के बाद अभी भी हितग्राहियों को 15 करोड़ का भुगतान किया जाना शेष है।

भौतिक सत्यापन किए बिना रिकॉर्ड में बना शौचालय
जिले के बेमेतरा जनपद के 103 ग्राम पंचायत के सभी 187 गांव, नवागढ़ जनपद के 94 ग्राम पंचायत के कुल 185 गांव, साजा जनपद के 97 पंचायत के कुल 185 गांव व बेरला जनपद के 93 ग्राम पंचायत के 132 गांवों को खुले में शौचमुक्त गांव घोषित किया गया है।

जिले में 387 पंचायत के 689 गांव पूरी तरह जांच परख के बाद ओडीएफ बनाया गया है। जिसके बाद अब हितग्राहियों को उपयोगिता साबित कराने के बाद शेष राशि देने की हिदायत दी जा रही है। जिसके बाद जिन हितग्राहियों ने उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया है, उन्हें राशि का आवंटन कर दिया जा रहा है।

हितग्राही राशि के लिए चक्कर लगाने के लिए बेबस
जिले में अब तक जनसमस्याओं के निराकरण के लिए लगाए गए शिविरों में सबसे अधिक आवेदन शौचालय निर्माण के बाद राशि नहीं मिलने, गुणवत्ता को लेकर प्रस्तुत किया जाता रहा है। इसके अलावा जिला जनदर्शन में शौचालय निर्माण के बाद राशि नहीं मिलने की शिकायतें पहुंच रही है। जिसे देखते हुए योजना शिकायतों का पिटारा माना जा रहा है।

बहरहाल फंड जारी करने के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र का अड़ंगा लगाकर लोगों को भुगतान नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण राशि नहीं मिलने से लोग परेशान हैं एक तरफ केवल 2 हजार रोके जाने का दावा विभाग कर रहा है। वहीं हितग्राही ने 2 हजार से अधिक राशि जारी नहीं मिलने की बात कह रहे हैं।

दोबारा बनाने की मांग
ग्राम हरदी के सुमित, ताकेश्वर मंडावी, परदेशी कुर्रे, बाबूलाल वर्मा सहित 50 ग्रामीणों ने शौचालय के निर्माण का स्तर कमजोर होने के कारण ग्रामीणों ने दोबारा निर्माण कराने की मांग कलक्टर से की। ग्राम सैगोना में एसबीएम योजना के तहत बनाए गए शौचालय बनाने के बाद शौचालय का निर्माण के बाद राशि नहीं देने की शिकायत कैलाश चंद्र, लक्ष्मण जायसवाल, प्रमोद वर्मा, घनश्याम ने की थी। बेरला जनपद के ग्राम मेाहभट्ठा में 2016-17 के दौरान शौचालय निर्माण के बाद आज तक 12 हजार की अनुदान राशि नहीं मिलने की शिकायत महिलाओ ने की है।

लोटा लेकर जा रहे हैं
सरदा ग्राम पंचायत के दर्जनभर देवार परिवार के पास शौचालय नहीं है। जिसके बाद बाद भी पंचायत व जनपद को ओडीएफ घोषित किया गया है, जबकि प्रभावित ने आज भी लेाटा लेकर जाने की बात कही है। सीईओ जिपं बेमेतरा एस आलोक ने बताया कि एसबीएम योजना में 15 करोड़ का भुगतान लोगों को करना है। जो उपयोगिता प्रमाण पत्र ला रहें हैं, उन्हें राशि का आवंटन किया जा रहा है।

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