बार-बार मना करने पर भी नहीं माना पति, परेशान होकर पी लिया केरोसिन

जिला अस्पताल में किया जा रहा उपचार, नायब तहसीलदार ने लिया महिला व परिजन का बयान

बेमेतरा. विवाहिता ने पति के गुटखा खाने की लत से परेशान मिट्टी तेल पीकर जान देने की कोशिश की। महिला को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनका उपचार जारी है। मामले में नायब तहसीलदार ने महिला और परिजन का बयान लिया है। अब तक परिवार को तोडऩे के लिए दहेज, शराब या फिर दुव्र्यवहार को ही वजह माना जाता रहा है, लेकिन अब गुटखा, तंबाकू भी वजह बनने लगा है। बुधवार को जिला अस्पताल में ऐसा ही मामला आया।


पति को थी गुटखा खाने की लत
जानकारी के अनुसार, मुलमुला निवासी सरिता (19) अपने पति महेश्वर डेहरे को गुटखा खाने से कई बार मना कर चुकी थी, इसके बाद भी पति के नहीं मानने पर पत्नी ने आत्मघाती कदम उठाते हुए मंगलवार की रात मिट्टी तेल पी लिया। महिला की तबीयत बिगड़ता देख परिजन आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लेकर आए। डॉक्टरों के प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल में भर्ती रखा है। बयान लेने पहुंचे बेमेतरा नायब तहसीलदार को महिला व परिजन ने पति के गुटखा खाने की वजह से आत्मघाती कदम उठाना बताया।


कहने को रोकथाम, गली-कूचों में आम
ज्ञात हो कि गुटखा की बिक्री पर शासन की ओर से कहने भर को प्रतिबंध लगाया गया है। जिला मुख्यालय सहित जिले के तमाम शहर और कस्बों और गांव में जर्दायुक्त गुटखा और तंबाकू खुलेआम बिक रहा है। प्रशासन भी केवल दिखावे के लिए एक-दो दिन कार्रवाई करती है, उसके बाद फिर से स्थिति जस की तस हो जाती है।


नशामुक्ति के लिए हर स्तर पर प्रयास जरूरी
जिले मे नशा मुक्ति की अलख जगाने वाले समाजसेवी ताराचंद मंहेश्वरी का कहना है कि नशामुक्ति के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाने की जरूरत है। शराब, गांजा के अलावा गुटखा पाउच से भी लोगों को दूर रहना चाहिए।

नशामुक्ति के लिए हर स्तर पर प्रयास जरूरी
जिले मे नशा मुक्ति की अलख जगाने वाले समाजसेवी ताराचंद मंहेश्वरी का कहना है कि नशामुक्ति के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाने की जरूरत है। शराब, गांजा के अलावा गुटखा पाउच से भी लोगों को दूर रहना चाहिए।

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Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
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