ढाई अरब के केस में साढ़े चार करोड़ में हुआ समझौता

नेशनल लोक अदालत के इतिहास में जिले में पहली बार ढाई अरब के केस में साढ़े चार करोड़ रुपए में समझौता हुआ है।

By: ghanshyam rathor

Published: 10 Feb 2018, 09:16 PM IST

बैतूल। नेशनल लोक अदालत के इतिहास में जिले में पहली बार ढाई अरब के केस में साढ़े चार करोड़ रुपए में समझौता हुआ है। बैतूल की मेसर्स बैतूल ऑयल लिमिटेड द्वारा मुंबई की एक कंपनी पर यह केस किया गया था। दोनों कंपनी में शनिवार जिला न्यायालय में लगी लोक अदालत के माध्यम से समझौता हो गया। एक अन्य क्लेम के मामले में भी सिर्फ सात दिनों में समझौता हुआ है। यह मामला भी सबसे कम दिनों में निराकृत होने वाला बन गया है। लोक अदालत में ढाई हजार से अधिक प्रकरण रखे गए थे। इसमें सैकड़ों प्रकरणों में समझौता हुआ। लोक अदालत के चलते न्यायालय परिसर में भीड़भाड़ रही। जिले भर से पक्षकार लोक अदालत में उपस्थित हुए। लोक अदालत का सुबह जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने लोक अदालत का शुभारंभ किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार निगम ने बताया कि मेसर्स बैतूल ऑयल लिमिटेड द्वारा मेसर्स एवरशाइन ऑलियोकेम लिमिटेड नरीमन प्वाइंट मुंबई के विरुद्ध दो २,५५,८५,१२,००० रुपए (दो अरब पचपन करोड़ पच्यासी लाख बारह हजार)से अधिक लेनदेन के दो वर्ष पुराने मामले में शनिवार जिला न्यायालय में लगी लोक अदालत में समझौता हुआ। निगम ने बताया कि ४,४१,६५,७३० रुपए का वाद न्यायालय में लंबित था। जिसका निराकरण लोक अदालत के माध्यम से किया गया है। निगम ने बताया कि जिले का यह पहला मामला है,जिसमें पहली बार इतनी बड़ी के राशि के मामले में समझौता हुआ है। वादी की ओर से पैरवी अधिवक्ता अंशुल गर्ग और परिवादी को ओर से अधिवक्ता कपिल वर्मा रहे। प्रकरण में समझौता पीठासीन अधिकारी प्रथम अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश बैतूल जयदीप सिंह की कोर्ट में हुआ है।
सिर्फ सात दिन मेें हुआ समझौता
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार निगम ने बताया कि कृष्णा विरुद्ध अमन क्लेम के एक प्रकरण में सिर्फ सात दिनों में यह समझौता हुआ है। २० हजार के क्लेम में ७ हजार में समझौता हुआ है। आवेदक की आरे से अधिवक्ता संतोष राठौर ने दि न्यू इंडिया बीमा कंपनी पर केस किया था। दो फरवरी २०१८ को न्यायालय में केस दिया गया। बीमा कंपनी मामले में स्वयं ही उपस्थित हुई। १० फरवरी को लोक अदालत में सिर्फ सात दिनों में दोनों पक्षों में क्लेम के इस प्रकरण का समझौता हो गया। निगम ने बताया कि बहुत कम दिनों में प्रकरण में समझौता हुआ। कंपनी की ओर से अधिवक्ता उमेश खेड़ले उपस्थित रहे। इस मामले में पीठासीन अधिकारी सदस्य, तृतीय अतिरिक्त मोटर दुर्घटना कमलेश इटावदिया रहे।
सभी की भूमिका महत्वपूर्ण
जिला विधिक सेवा प्राधिकण अध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार निगम ने बताया कि जबलपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर लोक अदालत का आयोजन किया गया था। लोक अदालत के माध्यम से बिना हार जीत के केस का पटाक्षेप हुआ है। जिससे दोनों पक्षों में सौहार्द्र बना रहता है। प्रकरण के समझौते में पक्षकार, अधिवक्ता, पीठासीन अधिकारी सभी भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। केसों के निराकरण को लेकर दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश दी जाती है।
लोक अदालत में रखे गए केस

ghanshyam rathor Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned