सतपुड़ा से छोड़ा 30 हजार क्यूबिक फीट पानी, तवा उफान पर

सतपुड़ा से छोड़ा 30 हजार क्यूबिक फीट पानी, तवा उफान पर
सतपुड़ा से छोड़ा 30 हजार क्यूबिक फीट पानी, तवा उफान पर

Pradeep Sahu | Updated: 31 Jul 2019, 04:01:01 AM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

तीन दिनों से अंधेरे में है आधा दर्जन गांव

सारनी. सतपुड़ा के कैचमेंट एरिया और पहाड़ी क्षेत्रों में झमाझम बरसात का दौर जारी है। रात में हुई तेज बारिश के बाद सतपुड़ा डेम के 7 गेट 5-5 फीट की ऊंचाई पर खोलकर प्रति सेकंड 30 हजार क्यूबिक फीट पानी छोड़ा गया। इससे तवा नदी उफान पर है। डेम के गेट खुलने से पुनर्वास कैंप चोपना के पहुंच मार्ग बाधित रहने से दर्जनों गांवों के अलावा लोनिया पंचायत का संपर्क टूटा रहा। स्कूलों में शिक्षक भी नहीं पहुंच पाए। राजडोह नदी में आई बाढ़ ने नदी किनारे बंधी दो नाव बहा ले गई। एक नाव जहां डेम में बहते हुए मिली। वहीं दूसरी नाव राजडोह नदी के किनारे पर क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली। जिसे मंगलवार को दिन भर नदी में नहीं उताया गया। वहीं एक नाव से ग्रामीणों को नदी पार कराने का सिलसिला जारी रहा। हालांकि नदी में बाढ़ चलने से सुरक्षा का ध्यान रखते हुए आपातकाल स्थिति में नाव का चालन जारी रखा गया। नदी में बाढ़ आने से कई बार ऐसी स्थिति निर्मित होती रही की बहाव वाले क्षेत्र में नाव सीधी खड़ी हो गई। जिसे काफी मशक्कत के बाद नाविक द्वारा नदी के दूसरे छोर पर पहुंचाया गया। वहीं रात में आई बाढ़ से लोनिया पंचायत के विष्णु मंडल और प्रहलाद मंडल के घरों व दुकानों में पानी घुस गया। डेम के गेटों की ऊंचाई बढ़ाने पर हालात नियंत्रण में आए। बीते 24 घंटे में सारनी क्षेत्र में जहां 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं बगडोना क्षेत्र में 81 मिलीमीटर बारिश हुई। इसी के साथ बारिश का आंकड़ा 414 मिलीमीटर पर पहुंच गया है।
दिन भर छोड़ा 8 हजार क्यूबिक फीट पानी
पहाड़ी नदी में बाढ़ आने से सतपुड़ा जलाशय का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा। जिसे मेंटेंन करने मंगलवार को दिन भर 5 गेट 2-2 फीट की ऊंचाई पर खोलकर 8 हजार क्यूबिक फीट पानी छोड़ा गया। तवा नदी में बाढ़ के चलते नांदिया घाट मार्ग जहां सोमवार शाम से बंद है। वहीं शिवनपाठ रपटा बीते चार दिनों से बंद है। यहां से आवागमन पूरी तरह बंद है। दरअसल इस मार्ग पर एक गेट का पानी भी बाढ़ का रूप ले लेता है। खासबात यह है कि इस मार्ग से चोपना का सीधा संपर्क है। इस वजह से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोनिया पंचायत में तीन दिनों से बिजली नहीं है। यहां के खापा, राजेगांव, ब्रह्मणवाड़ा, बिकलई, लोनिया समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों में अंधेरा पसरा है। ऊपर से लगातार हो रही झमाझम बारिश से पहुंच मार्ग पूरी तरह कीचड़ में तब्दील है। कीचड़ की वजह से जहरीले कीड़े घरों में घुस रहे हैं। बिजली के अभाव में मोबाइल से लेकर विद्युत से चलने वाले साले उपकरण बंद हैं। ग्रामीण मोबाइल चार्ज करने नदी पार करने को मजबूर है। वहीं राजडोह नदी पर पुल निर्माण करने वाली कंपनी को अंधेरे में सामान चोरी होने का भय सता रहा है।

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