प्रदेश की 16 में से 6 इकाई आरएसडी और एक ट्यूब में लीकेज की वजह से हैं बंद

सतपुड़ा का बिजली उत्पादन लुढ़ककर 650 मेगावाट पर सिमटा

सारनी. मौसम में आए अचानक बदलाव की वजह से प्रदेश में बिजली की मांग 12 हजार मेगावाट के आसपास सिमट गई है। डिमांड घटने से मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी की इकाइयों को एक-एक कर रिजर्व शट डाउन (आरएसडी) में बंद किया जा रहा है। अब तक प्रदेश के तीन प्लांटों की 6 इकाइयां आरएसडी में बंद की जा चुकी है। वहीं 1 इकाई ट्यूब में लीकेज की वजह से बंद है। यानी की चार बिजली घरों की 16 में से 7 इकाइयां बंद है। जिसके चलते मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी का विद्युत उत्पादन सिमट गया है। गौरतलब है कि सतपुड़ा पॉवर प्लांट में 6 इकाई है। इसमें से 6, 10 और 11 नंबर इकाई चालू है। इसी तरह बिरसिंहपुर में 5 इकाइयां हैं। इसमें से 2, 3, 4 नंबर इकाई बंद है। अमरकंटक में एक इकाई है। श्रीसिंगाजी पॉवर प्लांट में 4 इकाइयां है। इसमें से 2 नंबर बंद है। बाकी तीन इकाइयों से बिजली उत्पादन हो रहा है।
सिर्फ सात घंटे मिल रही बिजली
कोल नगरी पाथाखेड़ा के आधा दर्जन से अधिक वार्डों में इन दिनों 7 घंटे के आसपास बिजली मिल रही है। जबकि जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में डब्ल्यूसीएल प्रबंधन ने कम से कम 10 घंटे बिजली आपूर्ति का आश्वासन दिया था।कुछ दिनों तक बाकायदा 10 घंटे बिजली दी गई।लेकिन अब 6 से 7 घंटे ही बिजली दी जा रही है।बताया जा रहा है कि दोपहर में 2 से 4 और शाम को 6 से 7 व रात 12 से 4 बजे तक ही बिजली दी जा रही है।जबकि पहले 1 से 4, 6 से 8 और 11 से 5 बजे तक बिजली आपूर्ति की जा रही थी। जिसमें वेकोलि प्रबंधन द्वारा लगातार कटौती की जा रही है।
मांग बढ़ी तो गहराएगा कोयला संकट
सतपुड़ा पॉवर प्लांट सारनी के यार्डों में वैसे तो इन दिनों 4 लाख 50 हजार मीट्रिक टन के आसपास कोयला भंडारण है जो प्लांट की सभी इकाइयों को चलाने में करीब एक माह सहायक है, लेकिन बिजली की मांग बढऩे की स्थिति में बंद इकाइयां चालू करने पर कोयला संकट गहराने से इंकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि दिसंबर माह के आखिरी सप्ताह तक सतपुड़ा के यार्डों में लगभग 6 लाख मीट्रिक टन के आपास स्टॉक था जो जनवरी माह में डिमांड बढऩे पर घटकर 4 लाख 50 हजार मेगावाट के आसपास आ पहुंचा है।
पॉवर प्लांट की दो दिन में दो इकाई बंद
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बीते तीन दिनों से बादल छाए हैं। कई जिलों में बारिश भी हुई है। जिसके चलते बिजली की मांग घटने पर इकाइयों को रिजर्व शट डाउन में बंद किया जा रहा है। शुक्रवार को सतपुड़ा पॉवर प्लांट की जहां 210 मेगावाट की 7 नंबर इकाई बंद की गई। वहीं इतनी ही क्षमता की 8 नंबर इकाई शनिवार बंद की। फिलहाल सतपुड़ा पॉवर प्लांट सारनी की 6, 10 और 11 नंबर इकाई से 650 मेगावाट के आसपास बिजली उत्पादन लिया जा रहा है जबकि प्लांट की क्षमता 1330 मेगावाट है जो क्षमता से 680 मेगावाट कम है।
इनका कहना है
तीन इकाइयां आरएसडी में बंद है। तीन इकाइयों से 6 50 मेगावाट के आसपास बिजली उत्पादन हो रहा है। इसमें से भी एक इकाई पर 35 मेगावाट का बेकिंग डाउन है। कोल स्टॉक 5 लाख 58 हजार मीट्रिक टन के आसपास है।
अमित बंसोड़, पीआरओ सतपुड़ा पॉवर प्लांट, सारनी

yashwant janoriya
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